Singarouli coal block forest cutting: देशभर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान जोर पकड़ रहा है, लेकिन सिंगरौली के जंगलों में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। यहाँ अडानी की कंपनी मेसर्स स्ट्राटाटेक मिनरल प्रा. लि., अहमदाबाद को 1335.35 हेक्टेयर वन भूमि कोल ब्लॉक के लिए आवंटित किया गया है। इस कदम से अनुमान है कि छह लाख से ज्यादा पेड़ काटे जाएंगे, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी और आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा।
स्थानीय लोग गुस्से में हैं। करीब दो सौ से अधिक परिवार की आजीविका इस निर्णय से सीधे प्रभावित होगी। कांग्रेस ने इस मामले में 12 सदस्यीय फाइंडिंग कमेटी गठित की और आरोप लगाया कि “मां के नाम पेड़ लगाए जाएंगे और फिर उन्हें कंपनियों से काटा जाएगा।”
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Singarouli coal block forest cutting: पहली बार नहीं
सिंगरौली में यह पहला मौका नहीं है जब कोल ब्लॉक के आवंटन को लेकर विवाद हुआ हो। पहले भी यह निर्णय लिया गया था, लेकिन स्थानीय विरोध के बाद ब्लॉक को रद्द कर दिया गया। इस बार कंपनी का काम कड़ी पुलिस सुरक्षा में किया जा रहा है। एंट्री प्वाइंट पर सख्ती से निगरानी की जा रही है और इलाके में आने-जाने पर कड़ी जांच हो रही है।
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Singarouli coal block forest cutting: कोल ब्लॉक और प्रभावित क्षेत्र
वन भूमि: 1335.35 हेक्टेयर
राजस्व भूमि: 62.19 हेक्टेयर
कुल भूमि: 1397.54 हेक्टेयर
कुल पेड़ काटे जाएंगे: 570,666
पहला चरण: 345 हेक्टेयर
अब तक कटे पेड़: 33,000
प्रभावित गांव: बासी, बेरदह, घिरौली, आमडाड़, अमराईखोह
पर्यावरण पर असर
गांव के लोग बताते हैं कि यह सिर्फ पेड़ काटने का मामला नहीं है। “हमारे खेत, पशुपालन और जल स्रोत इस काम से सीधे प्रभावित होंगे,” एक स्थानीय किसान ने कहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी कटाई से जैव विविधता पर भी गंभीर असर पड़ेगा।
