Crop Damage in Sidhi Farmers Protest : सीधी जिले में किसानों की समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण बड़ी संख्या में किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। किसानों का आरोप है कि अभी तक बंद फसलों का सर्वे नहीं हुआ, जिससे मुआवजा मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। किसानों की मुश्किलें गहरी होती जा रही हैं और वे अब प्रशासन की ओर से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कमलेश्वर पटेल की चेतावनी
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल ने किसानों के समर्थन में कलेक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार पर हमला किया और चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें पूरी नहीं की गईं, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पटेल ने कहा कि किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं लेकिन अभी तक मुआवजे के लिए कोई सर्वे तक नहीं हुआ, जिससे किसानों का गुस्सा बढ़ रहा है।
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बीजेपी का पलटवार
वहीं, भाजपा के नेता कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं कि वे किसानों की समस्याओं को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। भाजपा का कहना है कि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और सभी क्षतिपूर्ति जल्द से जल्द प्रदान की जाएगी। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कांग्रेसी सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस की 18 महीने की सरकार के दौरान किसानों की समस्याएं बढ़ीं हैं और भाजपा उन्हें समाधान दे रही है।
किसानों की मांगें और आंदोलन का असर
किसानों की मुख्य मांग है कि फसल का पूरी तरह सर्वे हो और उचित मुआवजा तत्काल दिया जाए। इसके साथ ही वे प्रशासन से इंसाफ की आशा लगाए हुए हैं और कहते हैं कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। इस संघर्ष ने पूरे जिले में समां बाँध दिया है और राजनीतिक दल भी इस मामले को लेकर सक्रिय हो गए हैं। किसानों की परेशानियां और आंदोलन का असर प्रशासन और सरकार की नीतियों पर पड़ना तय है।
इस संघर्ष की गहराई और राजनीतिक पहलुओं को समझते हुए यह स्पष्ट है कि सीधी का किसान समुदाय अपने हक के लिए आवाज बुलंद कर रहा है, और जल्द समाधान की उम्मीद कर रहा है।
