Side Effects of Eating Maggi: फास्ट फूड की दुनिया में अगर कोई एक नाम सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, तो वो है मैगी। जल्दी में तैयार हो जाने वाली इस इंस्टेंट नूडल्स ने बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर वर्ग के लोगों को काफी पसंद है। ऑफिस में जल्दी में, रात को भूख लगने पर, बच्चों के टिफिन में या घर में कुछ न बनाने का मन हो तो मैगी एक आसान और जल्दी बन जाने वाली डिस है। लेकिन मैगी खाने से स्वास्थ को काफी लाभ होता है।
Read More: Benefits of Hing: सेहत और खाने के स्वाद को बनाए बेहतर…
ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट से भरपूर…
मैगी को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें ट्रांस फैट, सैचुरेटेड फैट और हाइड्रोजेनेटेड ऑयल्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी तत्व हृदय रोग, मोटापा, और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को जन्म देते हैं। बार-बार सेवन करने से यह धमनियों को बंद कर सकता है और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।
Side Effects of Eating Maggi: पाचन तंत्र पर असर…
मैगी को तैयार करने के लिए जो आटा इस्तेमाल होता है वह मैदा (रिफाइंड फ्लोर) होता है, जो बेहद कम फाइबरयुक्त होता है। मैदा पचने में कठिन होता है और लगातार सेवन करने से पेट की समस्याएं जैसे – कब्ज, अपच, गैस व एसिडिटी आदि होता हैं।
अधिक मात्रा में नमक (सोडियम) का सेवन..
मैगी में नमक (सोडियम) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। एक सर्विंग मैगी में लगभग 800 से 900 mg सोडियम होता है, जबकि WHO द्वारा निर्धारित एक दिन की अधिकतम सीमा 2000 mg है। अत्यधिक सोडियम सेवन से हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की समस्या, जलन और डिहाइड्रेशन और स्ट्रोक का खतरा हो सकता है।

मैगी में मौजूद मोनोसोडियम ग्लूटामेट…
इंस्टेंट नूडल्स में अक्सर एक केमिकल मिलाया जाता है, जिसे मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) कहा जाता है। इसका इस्तेमाल स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
हालांकि, एफएसएसएआई (FSSAI) जैसे नियामक संस्थानों ने मैगी में एमएसजी की मात्रा को सुरक्षित बताया है, फिर भी यह केमिकल कुछ लोगों में एलर्जी, सिरदर्द, सीने में जलन, और मतली जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
वजन बढ़ाए…
मैगी में कैलोरीज अधिक होती हैं और पोषण बेहद कम। इसमें कार्बोहाइड्रेट, फैट और नमक का संतुलन बेहद गलत ढंग से होता है। अगर आप नियमित रूप से मैगी खाते हैं, खासतौर पर बिना किसी शारीरिक गतिविधि के, तो इसका सीधा असर आपके वजन पर पड़ता है।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा?
2015 में मैगी को लेकर काफी विवाद हुआ था, जब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इसकी बिक्री पर भी रोक लगा दी थी। जांच में यह पाया गया कि कुछ बैचों में लेड (सीसा) की मात्रा मानक से अधिक थी। इससे लोगों को काफी नुकसान पहुंच सकता था।
1. मानसिक विकास में रुकावट।
2. किडनी और लिवर डैमेज।
3. बच्चों में IQ लेवल कम होना।
हालांकि वर्तमान में मैगी को जांच के बाद दोबारा बाजार में लाया गया, लेकिन इससे पता चलता है, कि पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड्स हमेशा सुरक्षित नहीं होते।

बच्चों की सेहत पर असर…
मैगी बच्चो को खूब पसंद होती है, और वो ज्यादातर नूडल्स खाने की मांग करते है। और वो रोएं न इसके लिए जब वो मांगते है, उन्हें मैगी बनाकर दे दी जाती हैं। इससे वे घर के पौष्टिक खाने को पसंद नहीं करते और इससे उनके स्वास्थ पर प्रभाव पड़ सकता है।
क्या कभी-कभार खाना सही है?
रिपोर्ट के अनुसार, अगर मैगी या अन्य इंस्टेंट नूडल्स को कभी-कभार खाया जाए, तो वह इतना नुकसान नहीं करता। लेकिन जब यह आदत बन जाए, खासकर बच्चों और युवाओं में, तब यह गंभीर चिंता का विषय बन जाता है।
इस तरह से बनाकर खा सकते है…
1. मैगी में हरी सब्जियां मिलाकर खाएं।
2. नमक कम डाले।
3. फ्राइड नूडल्स की बजाय स्टीम्ड या उबली चीजें चुनें
