BCCI Annual Awards Ceremony: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पूर्व भारतीय क्रिकेट और हेड कोच राहुल द्रविड़ को कर्नल सीके नायडू लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित करेगा वहीं भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर को ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। भारतीय महिला टीम की प्लेयर और पूर्व कप्तान मिताली राज को भी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।
15 मार्च को BCCI का एनुअल अवॉर्ड प्रोग्राम
एक मीडिया एजेंसी के रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में 15 मार्च को BCCI का एनुअल अवॉर्ड फंक्शन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आयुष म्हात्रे को लाला अमरनाथ अवॉर्ड दिया जाएगा।
बता दें कि, म्हात्रे की कप्तानी में इसी साल टीम इंडिया ने अंडर-19 में वर्ल्ड कप का खिताब जीता था।
बेस्ट क्रिकेट एसोसिएशन का पुरस्कार
मिताली राज, राहुल द्रविण, शुभमन गिल और आयुष म्हात्रे के अलावा घरेलू क्रिकेट में बेस्ट प्रदर्शन करने वाले मुंबई एसोसिएशन को बेस्ट क्रिकेट एसोसिएशन का पुरस्कार दिया जा सकता है। हालांकि इसकी अब तक BCCI की ओर से कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया गया।
2025 में शुभमन रहें टॉप स्कोरर
साल 2025 में भारतीय टीम के कप्तान गिल ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए टेस्ट क्रिकेट में 983 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहें। इतना ही नहीं इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में 70 से ज्यादा औसत से 754 रन बनाए।

वहीं वनडे में उन्होंने 490 रन बनाए और भारत के ICC ट्रॉफी जीतने में भी गिल की अहम हिस्सेदारी रही। सभी फार्मेट को मिलाकर गिल ने 1746 रन बनाए, जिसमें 3 फिफ्टी और 7 शतक शामिल रहे।

द्रविड़ का शानदार बल्लेबाजी करियर
राहुल द्रविड़ को टेस्ट क्रिकेट के महान बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। उन्होंने टेस्ट मैचों में 13,288 रन और वनडे में 10,889 रन बनाए। उनकी तकनीक और धैर्य हमेशा युवा खिलाड़ियों के लिए मिसाल रहे।

कोचिंग में ऐतिहासिक सफलता
कोच के रूप में द्रविड़ के कार्यकाल में भारतीय टीम ने ICC टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया। टीम वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंची और 2024 का T-20 विश्व कप भी जीत लिया। द्रविड़ की रणनीति और मार्गदर्शन ने टीम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
U-19 प्लेयर्स को दिलाया था खिताब
2012 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद द्रविड़ ने भारत अंडर-19 टीम की कमान संभाली। शुभमन गिल और पृथ्वी शॉ जैसे युवा खिलाड़ियों वाली टीम को उन्होंने 2018 में विश्व खिताब दिलाया। इस दौरान उन्होंने इंडिया ए टीम के साथ भी मिलकर काम किया और कई प्रतिभाओं को निखारा।

मिताली राज का 23 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर
डेब्यू से संन्यास तक की यात्रा
16 साल की उम्र में मिताली राज ने 1999 में आयरलैंड के खिलाफ वनडे से डेब्यू किया और जून 2022 में संन्यास लिया। इस दौरान उन्होंने महिला क्रिकेट को नई पहचान दी। मिताली ने 232 वनडे मैचों में रिकॉर्ड 7,805 रन बनाए, जो महिला क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा हैं। उनकी स्थिरता और कप्तानी की वजह से भारतीय महिला टीम दुनिया के नंबर-1 स्थान पर पहुंची।

दोहरा शतक लगाने वाली पहली महिला
टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 12 मैचों में 699 रन बनाए। 214 रनों की पारी खेलकर मिताली दोहरा शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला और सबसे युवा महिला प्लेयर बनीं।
कप्तानी में विश्व कप फाइनल
2004 से 2022 तक मिताली ने भारतीय टीम की कप्तानी की। उनकी अगुवाई में भारत 2005 और 2017 के महिला वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा। उन्होंने महिला क्रिकेट को पेशेवर बनाने में अहम भूमिका निभाई। ये दोनों दिग्गज भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयां देते रहे और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

