ऑक्सफोर्ड पासआउट बहू भी साथ
केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रविवार, 25 मई को अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के लाडकुई गांव से पदयात्रा की शुरुआत की। इस पदयात्रा में शिवराज की पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय के साथ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पासआउट बहू अमानत भी गांवों में पदयात्रा कर रही हैं।
पूरे परिवार के साथ पदयात्रा
शिवराज सिंह ने यात्रा का मकसद बताते हुए कहा, मोदी जी का संकल्प विकसित भारत…! और वो संकल्प हमारे लिए मंत्र है। विकसित भारत के लिए जनता जागे और अपने गांवों को विकसित बनाए। अकेले सरकार नहीं, समाज को भी आगे आना होगा। इसलिए जनता को विकास के लिए जगाने निकले हैं। जनसैलाब उमड़ पड़ा है, जो विकसित भारत के अभियान के लिए अपने आप को समर्पित कर रहे हैं।शिवराज सिंह चौहान ने यात्रा में बहू अमानत को साथ लेने के सवाल पर कहा, यहां तो सब हैं। यहां कोई परिवार नहीं, सब एक परिवार हैं। सबका एक ही लक्ष्य है, विकसित भारत।बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पूर्व सीएम शिवराज ने कहा, अभी सिर्फ विकसित भारत की बात करेंगे, बाकी पार्टी जाने, अपना काम अपन कर रहे हैं।

शिवराज ने बताया विकसित भारत का मतलब
यात्रा की पहली सभा पुलिस चौकी लाडकुई के सामने हुई। शिवराज सिंह ने कहा, विकसित भारत का मतलब ऐसा भारत है जहां, सड़क-बिजली-पानी का जाल बिछा हो। जहां खेती उन्नत हो, मां-बहन-बेटियों का सम्मान किया जाए। बच्चे अच्छी तरह से पढ़ाई करें, हर परिवार को रोजगार मिले। कोई भूखा न सोए, इलाज की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। लोग अपनी जिंदगी आराम से बिताएं।
‘हमारे हर गांव विकसित हों’
शिवराज सिंह ने कहा कि ये विकसित भारत मोदी जी का संकल्प है और ये मेरे जीवन का मंत्र बन गया है। इसका मतलब लाडकुई और हमारे हर गांव विकसित हों। ये काम अकेले मंत्री, मुख्यमंत्री विधायक-सांसद नहीं कर सकते। सबको अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा, मुझे मन में लगा कि कुछ करना पडे़गा। कृषि मंत्री के रूप में किसान रोम-रोम में रमा है। खेती मेरी सांस में बसी है। बहनें लखपति दीदी बनें, दिन और रात मैं इस साधना में लगा हूं। साधना का मतलब मेरी धर्मपत्नी की बात नहीं कर रहा हूं।
खेतों की पूरी जानकारी लेकर आए हैं…शिवराज
शिवराज सिंह ने कहा, मैं आज अकेला नहीं आया हूं। देश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक भी मेरे साथ हैं। आईसीएआर के डीजी एमएल जाट भी यहां मौजूद हैं। ये किसान भाइयों से बातचीत करेंगे। खेती में अधिकतम उत्पादन कैसे किया जाए, इसके लिए यहां के गांवों के खेतों की पूरी जानकारी लेकर आए हैं। तो यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं है, यह तो आंधी और तूफान की तरह है, शिवराज सिंह चौहान के साथ।
इसमें हम किसानों, आदिवासी भाइयों-बहनों, युवाओं, पीएम आवास के लाभार्थियों से गंभीर चर्चा करने वाले हैं। जिलाधीश समेत प्रशासन के सभी मित्र मिलकर विचार करेंगे कि हम क्या बेहतर कर सकते हैं।
किसान-वैज्ञानिक चर्चा करेंगे।
29 मई से देश के 6 हजार कृषि वैज्ञानिक पूरे भारत में निकलने वाले हैं। सीहोर जिले में भी वैज्ञानिकों की 3 टीमें आ रही हैं। एक दिन में दो-दो कार्यक्रम होंगे। 10–15 गांवों के बीच किसान और वैज्ञानिक मिलकर चर्चा करेंगे। किसानों की समस्याओं को समझते हुए शोध किए जाएंगे।शिवराज सिंह ने कहा, विकसित भारत के लिए चलना था, तो सामने बैठा परिवार आया (उहोंने अपने बेटे-बहू की ओर इशारा करते हुए कहा) और ये परिवार भी आया। हमने कहा चलो। अब ये बहू भी देखेगी कि हमारा कितना बड़ा परिवार है। इस बीच साधना सिंह ने टोका- बहू नहीं बेटी कहिए। इसके बाद शिवराज ने कहा, हां…बहू नहीं बेटी।
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