स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई, पिता-पुत्र समेत 4 की मौत
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में रविवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। राजस्थान के चार लोग, जिनमें एक पिता और उसका बेटा भी शामिल था,
सड़क पर बैठी एक गाय को बचाने के प्रयास में अपनी जान गंवा बैठे। बारिश से भरी सड़क पर स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में थी। काली तलाई इलाके में अचानक सड़क पर बैठी गाय को देखकर ड्राइवर ने गाड़ी मोड़ दी, लेकिन फिसलन और गति के कारण वह संतुलन खो बैठा। स्कॉर्पियो सड़क से उतरकर खाई में जा गिरी और पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गया और सभी चार सवारों की मौके पर ही मौत हो गई। गाय की भी मौके पर ही जान चली गई।
पिता-पुत्र की एक साथ मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में हरिराम यादव (60) और उसका बेटा विजेंद्र जाट (23) शामिल हैं। इनके साथ मुकेश यादव (28) और हाबा सिंह गुर्जर की भी मौत हुई। सभी अशोकनगर से राजस्थान लौट रहे थे, जहां परिवार डंपर संचालन का काम करता है। मृतकों के परिजन कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वे किसी पारिवारिक काम से घर जा रहे थे। किसे पता था कि ये सफर उनका आखिरी होगा। हादसे के बाद न सिर्फ एक परिवार उजड़ गया, बल्कि एक पूरे गांव में मातम छा गया।
गाय को बचाना बना जानलेवा
सड़क पर बैठी गाय को बचाना ड्राइवर की मानवीय प्रतिक्रिया थी, लेकिन यह उसकी और तीन और जिंदगियों की कीमत पर भारी पड़ गई। हर दिन देश में इस तरह के हादसे सामने आते हैं, जिनमें जानवरों की मौजूदगी दुर्घटनाओं की वजह बनती है। यह हादसा फिर एक बार प्रशासन, पशुपालन विभाग और ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। क्या हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर जानवरों को खुला छोड़ना अनदेखा किया जा सकता है?
ऐसा ही एक और हादसा 25 दिन पहले भी ले चुका है चार जानें
यह पहला मौका नहीं है जब एक हादसे ने एक साथ चार जिंदगियां लील ली हों। सिर्फ 25 दिन पहले, राजगढ़ जिले के पचोर इलाके में एक्सयूवी 500 कार डिवाइडर से टकरा गई थी। उसमें दो बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे। वो परिवार अयोध्या दर्शन कर सूरत लौट रहा था। जानकारी के मुताबिक ड्राइवर को झपकी आ गई थी, जिससे यह हादसा हुआ। उस वक्त भी स्थानीय लोग और एक गुजरता एम्बुलेंस ड्राइवर यग्नेश रावल हादसे के शिकार लोगों की मदद के लिए तुरंत पहुंचे थे।
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