Skip to content
nationmirror.com

Nationmirror.com

Primary Menu
  • देश-विदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • गुजरात
  • राजस्थान
  • बिहार
  • झारखंड
  • जुर्म गाथा
  • खेल
  • फाइनेंस
  • ENTERTAINMENT
  • सनातन
  • Lifestyle
  • Infotainment
  • मध्य प्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • उज्जैन
    • जबलपुर
    • ग्वालियर
    • मुरैना
    • रतलाम
    • राजगढ़
    • रीवा
    • विदिशा
    • शहडोल
    • शाजापुर
    • श्योपुर
    • सतना
    • सागर
    • सिंगरौली
    • सिवनी
    • सिहोर
    • हरदा
    • होशंगाबाद-नर्मदापुरम
    • अनूपपुर
    • अलीराजपुर
    • अशोकनगर
    • आगर मालवा
    • धार
    • नरसिंहपुर
    • निवाड़ी
    • नीमच
    • पन्ना
    • बड़वानी
    • बैतूल
    • भिंड
    • मंडला
    • मंदसौर
    • उमरिया
    • कटनी
    • खंडवा
    • खरगोन
    • गुना
    • छतरपुर
    • छिंदवाड़ा
    • झाबुआ
    • डिंडोरी
    • दतिया
    • देवास
Video
  • Home
  • Top Story
  • Sheikh Bhrikhari Ansari Jayanti: एक ऐसे गुमनाम नायक जिन्होंने किया अंग्रेजो की नाक में दम!
  • Infotainment
  • Top Story
  • देश-विदेश

Sheikh Bhrikhari Ansari Jayanti: एक ऐसे गुमनाम नायक जिन्होंने किया अंग्रेजो की नाक में दम!

Hema Gupta October 2, 2025

Sheikh Bhrikhari Ansari Jayanti: भारत की आजादी की लड़ाई में अनेक ऐसे गुमनाम नायक रहे, जिन्होने अपने साहस और बलिदान से स्वतंत्रता आंदोलन की मजबूत नींव रखी। ऐसे में एक गुमनाम नायक या यूं कहें स्वतंत्रता सेनानी जिनको बहुत कम लोग ही जानते हैं, शेख भिखारी अंसारी, जिनका जन्म 2 अक्टूबर 1819 को रांची जिला के लोटवां खुड़िया गांव में एक अंसारी खानदान में हुआ था। साधारण परिवार में जन्मे शेख अंसारी असाधारण पराक्रम दिखाकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष की लौ प्रज्वलित की।

Read More: बारिश में बह गई रावण की राखी उम्मीदें: राजस्थान से यूपी तक जलप्रलय का कहर

स्वतंत्रता संग्राम में रही अहम हिस्सेदारी…

1857 का देशव्यापी विद्रोह भारतीय इतिहास का एक निर्णायक मोड़ था, जिसमें शेख अंसारी ने अहम भूमिका निभाई थी। वे टिकैत उमराव सिंह के अधीन ‘दिवान’ और सेनापति थे। इस जिम्मेदारी के तहत उन्होंने न केवल नेतृत्व किया बल्कि सैनिक रणनीतियों से अंग्रेजों को हैरान कर दिया।

रांची क्षेत्र पर अंग्रेजों के कब्जे को रोकने के लिए उन्होंने चुटुपालू घाटी में रणनीति बनाई। उन्होंने घाटी के रास्तों के पेड़ कटवाकर अंग्रेजी फौज की टुकड़ियों की गति रोकी। यह कदम उठाना उस समय की परिस्थितियों में क्रांतिकारियों के सामरिक कौशल और दरदर्शिता को दर्शाता है।

रणनीतिक नेतृत्व…

अंग्रेजी सेना में इस बात की खासी चर्चा थी कि शेख भिखारी अंसारी और टिकैत उमराव सिंह खुले मोर्चे पर डटकर मुकाबला कर रहे हैं। जनरल मैकडोलैंड ने उन्हें विद्रोहियों में “सबसे खतरनाक और कुख्यात” क्रांतिकारी बताया। दरअसल, उनकी योजनाओं ने अंग्रेजी सत्ता को यह एहसास करा दिया था कि छोटानागपुर की धरती भी अब उनके लिए सुरक्षित नहीं रही।

8 जनवरी को मिली शहादत…

8 जनवरी 1858 का दिन भारतीय क्रांति के इस महानायक की शहादत का दिन बना। रांची और रामगढ़ के आसपास अंग्रेजी सेना ने कई दिनों तक संघर्ष चलते रहने के बाद शेख भिखारी अंसारी और टिकैत उमराव सिंह को पकड़ लिया। अंग्रेजों ने क्रूरता दिखाते हुए दोनों को रामगढ़ की चुटुपालू घाटी में एक बरगद के पेड़ पर फांसी दे दी।

अंग्रेज उन्हें एक खतरनाक दुश्मन मानते थे, लेकिन असल में वे भारत की स्वतंत्रता की ज्वाला के प्रमुख वाहक थे। अपनी अंतिम सांस तक उन्होंने हार नहीं मानी और फांसी के फंदे पर मुस्कराते हुए मातृभूमि को वंदन किया।

अंसारी का बलिदान प्रेरणादायक…

आज शेख भिखारी अंसारी भले ही इतिहास की किताबों में सीमित नाम बनकर रह गए हों, लेकिन उनकी शहादत नई पीढ़ी को यह संदेश देती है कि स्वतंत्रता की कीमत बलिदान से चुकाई जाती है।

झारखंड की धरती पर उनका नाम आज भी गर्व और श्रद्धा से लिया जाता है। वे सिर्फ एक योद्धा नहीं, बल्कि सामूहिक विद्रोह की उस भावना के प्रतीक हैं जिसने भारत को गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने की राह दिखाई।

About the Author

Hema Gupta

Author

"मैं हेमा गुप्ता, पिछले 2 वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं। एक क्रिएटिव और पैशनेट कंटेंट राइटर होने के साथ-साथ मैं ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव रखती हूं। मेरा फोकस स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट, सनातन संस्कृति और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों पर रहता है। सटीकता, सरल भाषा और रोचकता मेरी लेखन शैली की खासियत है। चाहे डिजिटल प्लेटफॉर्म हो या ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग, मेरा मकसद हमेशा ऑडियंस को सही और दिलचस्प जानकारी पहुंचाना है.

View All Posts

Post navigation

Previous: BHOPAL: दशहरे से पहले दशानन का दहन, SUV से आए नशेड़ी युवाओं ने सरेआम जला दिया 51 फीट का रावण
Next: CG NEWS : महात्मा गांधी आजादी की लड़ाई के दौरान दो बार आए थे छत्तीसगढ़

Related Stories

Congress Workers Bail AI Summit
  • Top Story
  • देश-विदेश

AI समिट में हंगामा करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत, पुलिस ने किया विरोध

himani Shrotiya March 2, 2026
War Impact on India
  • Top Story
  • देश-विदेश

ईरान-इजरायल-अमेरिका वॉर: कच्चा तेल, सोना, पेट्रोल भारत में महंगा?

himani Shrotiya March 2, 2026
शेयर बाजाऱ - एक नज़र में
  • देश-विदेश
  • फाइनेंस

शेयर बाजाऱ – एक नज़र में

Rohan Umak March 2, 2026
  • पहली कृषि कैबिनेट में कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये की स्वीकृति
  • बड़वानी में आधुनिक सब्जी मंडी से मजबूत होगी कृषि अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • ग्रामीण प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए दी जाएगी हर संभव मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को होलिका दहन की दी बधाई
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव और कैबिनेट मंत्रियों ने निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव से सभी की समृद्धि के लिए की कामना

You Know This

  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY
  • DESCLAIMER
  • TERMS and CONDITION
  • About Us
  • रुद्रपुर में हिंसक झड़प, 2 पक्षों में चले लाठी-डंडे
  • पौड़ी गढ़वाल के पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी
  • गौरीशंकर अग्रवाल को उम्मीदवार बनाने की मांग,अग्रवाल समाज ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात
  • हरियाणा CM सैनी ने पेश किया बजट 2026-27, अग्निवीरों के लिए पुलिस में 20% आरक्षण
  • ट्रैफिक जाम से राहत देने पुलिस का नया प्लान,अब नहीं होगी लोगों को परेशानी
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.