शताब्दी में बम है… एक कॉल, एक घंटा, और पूरे स्टेशन पर पसरा सन्नाटा

आज सुबह अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर जो नज़ारा था, वो किसी आम दिन जैसा नहीं था। गाड़ी संख्या 12014, अमृतसर से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस, जैसे ही अंबाला पहुंची, सायरन की आवाज़ों से प्लेटफॉर्म गूंज उठा। यात्रियों से कहा गया “कृपया ट्रेन से उतर जाएं, सुरक्षा जांच होनी है।” किसी को नहीं पता था कि ये सब एक धमकी भरे फोन कॉल की वजह से हो रहा है।
सुबह-सुबह रेलवे कंट्रोल रूम में आई कॉल ने उड़ाए होश
भारतीय रेलवे के कंट्रोल रूम को एक अनजान कॉलर ने फोन किया और कहा
शताब्दी एक्सप्रेस में बम है, दिल्ली पहुंचने से पहले सब उड़ जाएगा।
बस फिर क्या था… रेल सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड सभी को अलर्ट पर डाल दिया गया। सूचना तुरंत अंबाला आरपीएफ पोस्ट को दी गई क्योंकि ट्रेन उस समय अंबाला कैंट की ओर बढ़ रही थी।
यात्री बोले: “हम समझ ही नहीं पाए क्या हो रहा है”
जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर आई, अधिकारियों ने तुरंत ट्रेन को खाली कराया। यात्रियों को उनके सामान समेत प्लेटफॉर्म पर ले जाया गया।
कुछ यात्री घबराए हुए थे, कुछ बच्चों को गोद में लेकर प्लेटफॉर्म के कोने में बैठ गए। एक बुजुर्ग यात्री ने कहा:
“पहले लगा कोई VIP आ गया है, फिर जब देखा सबको नीचे उतारा जा रहा है, तब समझ आया कुछ गंभीर है।
पूरी ट्रेन की गहन तलाशी, लेकिन… कुछ नहीं मिला
आरपीएफ इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया “पूरी ट्रेन की जांच की गई, यात्रियों के सामान को स्कैन किया गया, डॉग स्क्वायड ने हर कोच की तलाशी ली, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। जांच पूरी होने में लगभग एक घंटा लगा, जिसके बाद ट्रेन को सुरक्षित घोषित कर दिया गया और नई दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
कॉल किसने की? और क्यों?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह धमकी झूठी कॉल निकली। लेकिन अब असली चुनौती शुरू होती है कॉलर कौन था? उसका मकसद क्या था? रेलवे सुरक्षा बल और साइबर टीम कॉल की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। अगर कॉलर पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत केस दर्ज हो सकता है। रेलवे एक्ट के तहत भी कठोर सजा का प्रावधान है।
क्या आपने सोचा है… ऐसे झूठे कॉल का असर कितना बड़ा होता है?
ट्रेन में मौजूद 400 से ज्यादा यात्रियों की यात्रा में देरी हुई। कई लोगों की फ्लाइट या आगे की ट्रेन छूट गई। सुरक्षा एजेंसियों को अनावश्यक दबाव झेलना पड़ा। आम जनता में दहशत और भ्रम फैल गया। और सबसे जरूरी अगर इसी समय कहीं असली आपात स्थिति होती, तो इन संसाधनों को तुरंत वहां नहीं भेजा जा सकता।

आखिर में… एक अपील सभी से
सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है। अगर आप किसी को ऐसी मज़ाकिया या धमकी भरी कॉल करते देखें, तो उसे समझाइए कि यह कोई गेम नहीं यह हजारों जिंदगियों से खेलने जैसा है। और अगर आपके पास किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना है, तो तुरंत नज़दीकी पुलिस या रेलवे सुरक्षा अधिकारी को बताएं।
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