उज्जैन में माता हरसिद्धि मंदिर में भक्तों का लगा तांता
Shardiya Navratri:आज से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई है.सूरज की पहली किरण के साथ ही देवी मंदिरों पर भक्तों का तांता लगा हुआ है.वही उज्जैन स्थित 51 शक्तिपीठों में से एक माता हरसिद्धि मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. पुराणों के मुताबिक इस शक्तिपीठ में माता सती की दाईं कोहनी गिरी थी.और ये राजा विक्रमादित्य की आराध्य देवी का स्थान भी है.
माता हरसिद्धी मंदिर में भक्तों का तांता
महाकाल की नगरी उज्जैन में हरसिद्धि मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है. इस मंदिर का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है. इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान विशेष उत्सव का माहौल होता है. इस वर्ष भी नवरात्र पर्व के पहले ही दिन से यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. माना जाता है कि यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है. 1011 दीपों की दीपमाला
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1011 दीपों की दीपमाला प्रज्वलित
हरसिद्धि मंदिर के बाहर 1011 दीपों की विशाल दीपमालाओं को देखना भी अनोखा अनुभाव होता है. 51 फीट ऊंची ये दीपमालाएं 2000 साल से ज्यादा पुरानी मानी जाती हैं. जब नवरात्र पर विशेष साज सज्जा के बीच दीपमाल प्रज्जवलित होती है, तो ये मनमोहक दृश्य देखने लायक होता है. मान्यता है कि यहां श्रद्धालु भी अपनी मन्नतें पूरी होने पर दीप प्रज्वलित करते हैं.
Shardiya Navratri:60 लीटर तेल होता है हर रोज उपयोग
उज्जैन का जोशी परिवार पिछले 100 सालों से इन दीपमालाओं को प्रज्वलित करने का कार्य कर रहा है. जोशी परिवार को मुताबिक इन दीपों को जलाने के लिए 4 किलो रुई की बाती और 60 लीटर तेल का उपयोग होता है. 6 लोग मिलकर सिर्फ 5 मिनट में 1011 दीपों को प्रज्वलित करते हैं.
Shardiya Navratri:नवरात्रि पर खास आयोजन
मंदिर के पुजारी रामचंद्र गिरी के मुताबिक, ” नवरात्रि के दौरान हर शाम 7 बजे माता हरसिद्धि के मंदिर में विशेष आरती का आयोजन होता है, जिसमें दीपमालाओं को प्रज्जवलित करने की तैयारी आरती से एक घंटे पहले शुरू हो जाती है. इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में उपस्थित रहते हैं.”
