बाबा रामदेव के शरबत पर उठे सियासी सवाल

खबर राजधानी भोपाल से है जहां पतंजलि के गुलाब शरबत बनाम रूह अफजा पर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज होती दिखाई दे रही है… बतादें कि पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए सांप्रदायित विभाजन की राजनीति कर रहे हैं।
शरबत के बहाने हिंदू-मुस्लिम किया जा रहा- एक्स सीएम दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने कहा कि बाबा रामदेव लोगों से रूह अफजा न पीने की बात कर रहे हैं और अपने गुलाब शरबत को प्रमोट कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रामदेव इसे ‘शरबत जिहाद’ का नाम देकर धार्मिक भावनाओं को भड़का रहे हैं। उन्होंने आईटी एक्ट के तहत रामदेव पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कोरोना काल के मामले भी उठाए
दिग्विजय सिंह ने रामदेव के पुराने मामलों को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बिना वैज्ञानिक आधार के कोरोनिल दवा लॉन्च कर दी गई थी, जिसमें कई वरिष्ठ मंत्री भी प्रचार में शामिल हुए थे। उन्होंने बाबा रामदेव को “ठग” बताते हुए कहा कि उन्होंने कई कंपनियों पर झूठे आरोप लगाए थे।
डबल इंजन सरकार पर दिग्विजस सिंह का निशाना
बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकारों को ‘डबल इंजन सरकार’ बताते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि जहां-जहां यह सरकार है, वहां अल्पसंख्यकों को सबसे ज्यादा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर अल्पसंख्यकों को फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है और सांप्रदायिक तनाव का माहौल बनाया जा रहा है।
दंगों पर सुप्रीम कोर्ट का हवाला
Sharbat Jihad controversy: दिग्विजय सिंह ने कहा कि दंगे रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहले ही दिशा-निर्देश दे चुका है,लेकिन सरकारें उन्हें लागू नहीं कर रही हैं। उन्होंने गुना में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जानबूझकर भड़काऊ गतिविधियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। बार-बार दंगे भड़काने वाले इलाकों में राष्ट्रपति शासन लगाने की भी उन्होंने मांग की।
और भी ऐसी खबरों के लिए डाउनलोड करें nation mirror app
