row ayodhya officer resigns: लखनऊ। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के बीच चल रहा विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। इस बीच अयोध्या के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया है। अधिकारी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और संविधान के समर्थन में यह कदम उठा रहे हैं।
माघ मेले से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद इसी महीने की शुरुआत में सामने आया था, जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान उन्हें संगम में पवित्र स्नान करने से रोका गया।हालांकि प्रशासन का कहना था कि भीड़ अधिक होने और भगदड़ की आशंका के चलते उनके रथ जुलूस को रोका गया था और उन्हें अन्य श्रद्धालुओं की तरह पैदल आगे बढ़ने को कहा गया था। शंकराचार्य ने इस कार्रवाई को “अपमान” बताया और इसके बाद मामला लगातार तूल पकड़ता चला गया।
योगी के बयान और ‘कालनेमी’ टिप्पणी
विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए लोगों को ‘कालनेमी’ से सावधान रहने की बात कही। रामायण के अनुसार, कालनेमी वह राक्षस था जिसने संत का वेश धारण कर भगवान हनुमान को भ्रमित करने की कोशिश की थी। मुख्यमंत्री के इस बयान को शंकराचार्य से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद बहस और तेज हो गई।
row ayodhya officer resigns: शंकराचार्य का पलटवार
मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने कहा कि योगी आदित्यनाथ अब एक राजनेता हैं और उन्हें धर्म से जुड़े विषय संतों पर छोड़ देने चाहिए। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री को शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और राज्य की समृद्धि पर बात करनी चाहिए। धर्म का मुद्दा धार्मिक नेताओं पर छोड़ देना चाहिए।
UGC नियमों पर भी जताई आपत्ति
शंकराचार्य ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। इन नियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों के लिए विशेष समितियों और निगरानी तंत्र का प्रावधान है। इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी जाति को सामूहिक रूप से न्यायपूर्ण या अन्यायपूर्ण नहीं ठहराया जा सकता। उनके अनुसार, इस तरह के प्रावधान समाज को बांट सकते हैं और इससे हिंदू समाज को नुकसान हो सकता है।
अयोध्या के उप जीएसटी आयुक्त का इस्तीफा
विवाद के बीच मंगलवार को अयोध्या के उप जीएसटी आयुक्त Prashant Kumar Singh ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह भी कहा कि योगी आदित्यनाथ लोकतांत्रिक रूप से चुने गए मुख्यमंत्री हैं और उनके खिलाफ की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों को वह बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा,
मैं सरकार, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, संविधान और लोकतंत्र के समर्थन में इस्तीफा दे रहा हूं। शंकराचार्य की टिप्पणियों से मुझे गहरा दुख पहुंचा है, जो समाज को विभाजित करने वाली हैं।
इस्तीफे के बाद सामाजिक कार्य करने का ऐलान
अधिकारी ने कहा कि यूजीसी नियमों को लेकर चल रही राजनीति से वह आहत हैं। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। शंकराचार्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बहस से आगे बढ़कर प्रशासनिक फैसलों तक पहुंच चुका है। एक वरिष्ठ अधिकारी का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि यह मामला आने वाले दिनों में और व्यापक बहस का रूप ले सकता है।
