
Shani Transit 2025 : राहु के साथ शनि हो गए विराजमान
Shani Transit 2025 : तारीख 29 मार्च 2025 ये वो तारीख है जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है.क्योकि इस दिन की तबाही का मंजर पूरी दुनिया ने देखा म्यांमार में आए भूकंप से भारी ताबाही हुई, म्यांमार और थाईलैंड में यह 200 साल का सबसे बड़ा भूकंप था. इस भूकंप का असर 334 एटॉमिक बम में ब्लास्ट के बराबर था.लेकिन ऐसा क्यो हुआ.
इसका ठोस जवाब सायद किसी के पास न हो लेकिन काल गणना में देखा जाए तो इसे शनि देव की बदलती चाल का नतीजा माना जा रहा है.क्योंकि तारीख और समय वही था जब न्यायाधिपति शनि देव ने अपनी चाल बदली और पहले सूर्य ग्रहण पर ही दुनिया ने तबाही का मंजर देखा.जिसके बाद लोगों के जहम में कई सवाल भी खड़े होने लगे है.कि आखिर जब चाल बदलते ही ये हाल है तो भाई आगे क्या?
ट्रेलर के बाद अब कैसी होगी पिक्चर
हिंदू धर्म में शनिदेव को कर्मफलदाता कहा गया है, जो कि हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. ज्योतिष के अनुसार, शनि एक राशि में ढाई साल तक रहते हैं और इसके बाद राशि परिवर्तन करते हैं.
अभी शनि कुंभ राशि में विराजमान हैं. 29 मार्च को शनि कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जिसका प्रभाव राशि के जातकों पर पड़ेगा. मीन राशि में ग्रहों का दुर्लभ संयोग शनि का मीन राशि में प्रवेश एक विशेष घटना इसलिए भी है क्योंकि मीन राशि में पहले से ही 5 ग्रह – सूर्य, बुध, शुक्र, राहु और चंद्रमा विराजमान हैं.
शनि जून 2027 तक मीन राशि में ही रहेंगे
शनि के आगमन के साथ ही मीन राशि में 6 ग्रहों का एक दुर्लभ और शक्तिशाली योग बनेगा. ज्योतिष में इतने सारे ग्रहों का एक साथ एक राशि में होना शुभ नहीं माना जाता है. हालांकि, ये ग्रह धीरे-धीरे मीन राशि से निकल जाएंगे, लेकिन शनि जून 2027 तक मीन राशि में ही रहेंगे. जब भी शनि का राशि परिवर्तन होता है, तो दुनिया में बड़े बदलाव होते हैं.
दुनिया में शनि की चाल बदलने के कारण क्या होता है इसके लिए हम थोड़ा अतीत में चलते है.
साल 2016:-
शनि के राशि परिवर्तन के समय नोटबंदी जैसी बड़ी आर्थिक घटना घटी.
साल 2020:-
शनि के बदलाव के बाद वैश्विक महामारी कोरोना ने दुनिया को हिला दिया.
अब 2025 में शनि के मीन राशि में प्रवेश के बाद भी दुनिया में बड़े बदलावों की आशंका है.
शनि गोचर के संभावित प्रभाव
प्राकृतिक आपदाएं:-
भूकंप, सुनामी और जलीय क्षेत्रों में हलचल की संभावना है.
बीमारियां और नए वायरस:-
स्वास्थ्य क्षेत्र में संकट बढ़ सकता है.
आध्यात्मिकता में वृद्धि:-
लोग धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों की ओर आकर्षित होंगे.
महंगी होती दवाएं:-
चिकित्सा क्षेत्र में महंगाई बढ़ने के संकेत हैं. दवाएं महंगी हो सकती है .
आर्थिक संकट:-
स्टॉक मार्केट में गिरावट और निवेश के लिए प्रतिकूल समय बताया जा रहा है.
ग्लेशियर का पिघलना:-
जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरणीय असंतुलन देखने को मिल सकता है.
ये हो सकती है विशेष खगोलीय घटनाएं
- सूर्य ग्रहण के प्रभाव के कारण विश्व पर नकारात्मक प्रभाव अधिक रह सकता है.
- रूस-यूक्रेन युद्ध में तनाव और वृद्धि की आशंका है.
- वर्ल्ड वॉर 3 जैसी स्थितियों के संकेत मिल सकते हैं.
शनि गोचर का व्यक्तिगत प्रभाव
प्रत्येक व्यक्ति के कुंडली के जिस भाव में मीन राशि होगी, उस क्षेत्र में दबाव और चुनौतियां बढ़ सकती हैं.
विशेष रूप से कार्यक्षेत्र में वर्कलोड और ऑफिस पॉलिटिक्स जैसी समस्याएं उभर सकती हैं.
इस दौरान क्या करें?
- गलत कार्यों से बचें और संयम से कार्य करें.
- वित्तीय संकट से बचने के लिए पर्याप्त बचत और लिक्विड कैश अपने पास रखें.
- अनावश्यक यात्राओं से परहेज करें
साढ़ेसाती और ढैय्या में बदलाव:
शनि के राशि परिवर्तन से राशियों पर चल रही साढ़ेसाती और ढैय्या में भी बदलाव आएगा.
साढ़ेसाती:
मकर राशि से साढ़ेसाती उतरेगी और मेष राशि पर शुरू होगी। कुंभ और मीन राशि पर साढ़ेसाती पहले से ही चल रही है.
ढैय्या:
कर्क और वृश्चिक राशि से ढैय्या उतर जाएगी। अब सिंह और धनु राशि पर ढैय्या शुरू होगी.
शनिदेव न्याय के देवता है लेकिन शनि देव को लेकर लोगों की अलग-अलग धारणाएं है.शनि देव हमेशा कर्मों के अनुसार जातक को फल देंते है इसलिए जिसके जैसे कर्म उसको वैसा मिलेगा फल.
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