
फंदे से लटके पति-पत्नी
बुधवार सुबह जब घर में कोई हलचल नहीं दिखी, तो नीचे रहने वाले परिजनों को शक हुआ। उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो पति-पत्नी के शव फंदे से लटके हुए दिखे। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वहां का नजारा दिल दहला देने वाला था। बेटा फतेह बेड पर अचेत पड़ा था, उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्चे को चूहे मारने की दवा (जहर) खिलाई गई थी। पत्नी शिवांगी बेडरूम में फंदे से लटकी मिली, जबकि पति सचिन का शव ड्राइंग रूम में लटका हुआ था। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात परिवार सामान्य दिख रहा था। रात के खाने के बाद सब सो गए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि रात ही परिवार का अंत हो जाएगा। सचिन की भाभी ने बताया कि परिवार हमेशा खुशमिजाज रहता था। घटना की सूचना मिलते ही कॉलोनी में सनसनी फैल गई। एसपी और सीओ ने मौके का निरीक्षण किया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

35 पेज का सुसाइड नोट
घटना से पहले शिवांगी ने अपनी मां और भाई को व्हाट्सएप पर 35 पेज का लंबा सुसाइड नोट भेजा था। नोट में उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति और कर्ज के बोझ का जिक्र किया। लिखा था, “मैं आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान हूं। मेरी वजह से आप लोग भी परेशान रहते हैं। अब आप लोग आराम से रहिएगा।” नोट में कई लोगों की देनदारी का भी उल्लेख था। पुलिस ने मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए हैं और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाने का काम शुरू कर दिया है। सुसाइड नोट के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।
Shahjahanpur family suicide: बिजनेस में हुआ घाटा
सचिन ग्रोवर मोहनगंज में पानीपत हैंडलूम नाम से शोरूम चलाते थे। वे हैंडलूम का कारोबार करते थे और कभी करोड़पति कारोबारी के रूप में जाने जाते थे। 2017 में उन्होंने पड़ोसन शिवांगी से लव मैरिज की थी। दंपति का एक बेटा फतेह था। परिवार दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी के 2200 स्क्वायर फीट के दो मंजिला मकान में रहता था। मकान के नीचे सचिन के दो भाई रोहित और मोहित रहते थे, जबकि ऊपर सचिन, शिवांगी, बेटा और मां रहते थे। यह पॉश इलाका था, लेकिन व्यापार में लगातार घाटा होने से परिवार कर्ज के जाल में फंस गया। सूदखोरों का दबाव भी बताया जा रहा है।
