
सेवा गतिविधियों का लेखा-जोखा
शहीद वंदना फाउंडेशन ने बीते वर्ष में कई सामाजिक और सेवा कार्य किए। एक शहीद परिवार को 51,000 रुपये का वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया। सीमा पर तैनात सैनिकों के साथ दिवाली और रक्षाबंधन जैसे पर्व मनाए गए, जिसमें 100 किलो मिठाई सैनिकों और गरीब परिवारों में वितरित की गई। भाद्रवी पूनम पर ढीमा में श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल महोत्सव आयोजित हुआ। गर्मियों में गायों को 6,000 किलो से अधिक तरबूज खिलाए गए। शहीद सैनिकों के बच्चों को निःशुल्क शैक्षणिक किट और किताबें वितरित की गईं।
Soldier Honor Ceremony: त्योहारों पर शौर्य सहाय शिविर
फाउंडेशन ने विभिन्न त्योहारों और महत्वपूर्ण तिथियों जैसे दिवाली, बेस्टु वर्ष, आषाढ़ी बीज, 14 फरवरी (पुलवामा हमले की वर्षगांठ), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस), राम नवमी, और भाद्रवी पूनम पर शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए शौर्य सहाय शिविर आयोजित किए। इन शिविरों के माध्यम से शहीद परिवारों को सहायता और सम्मान प्रदान किया गया। यह पहल न केवल शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि थी, बल्कि उनके परिवारों को सामाजिक और भावनात्मक समर्थन देने का भी प्रयास था।

भविष्य की योजनाएं और संकल्प
Soldier Honor Ceremony: सभा में फाउंडेशन ने भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। आने वाले वर्ष में अधिक शहीद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, वाव और थराद क्षेत्र के युवाओं को देशसेवा और सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया जाएगा। फाउंडेशन का यह संकल्प है कि क्षेत्र के अधिक से अधिक युवा राष्ट्र की रक्षा में योगदान दें। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ। इस आयोजन ने न केवल शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, बल्कि समाज में देशभक्ति और सेवा की भावना को भी प्रज्वलित किया। शहीद वंदना फाउंडेशन की यह पहल क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणादायी बन रही है और शहीद परिवारों के प्रति समाज की जिम्मेदारी को रेखांकित करती है।
ललित दरजी की रिपोर्ट
