Shahdol News: शहडोल जिले और विकासखंडों में अमानक खाद-बीज की बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी के चलते शासन ने उपसंचालक आरपी झरिया और सहायक संचालक रमेंद्र कुमार सिंह का तबादला कर दिया था। रमेंद्र कुमार सिंह, जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं, उन्हें कृषि मंत्रालय, मध्य प्रदेश शासन द्वारा 17 जून 2025 को जारी आदेश के तहत शहडोल से मुरैना स्थानांतरित किया गया। इसके बावजूद, वे अब तक शहडोल में पद पर बने हुए हैं और भारमुक्त नहीं हुए हैं।
Shahdol News: भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप और गहरे हो गए
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सहायक संचालक सिंह राजनीतिक दबाव के चलते अभी भी पद पर जमे हुए हैं। आरोप है कि वे खाद-बीज व्यापारियों से अवैध रूप से मोटी रकम वसूल रहे हैं। जो व्यापारी पैसा नहीं देते, उनके यहां छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई की जाती है। वहीं जो पैसे दे रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। ऐसे मामलों में नमूना तक नहीं लिया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप और गहरे हो गए हैं।
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पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रह सके
30 जून 2025 को पत्र क्रमांक 2063 के जरिए उनके भारमुक्ति की स्थिति पूछी गई थी, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस लापरवाही से जिले के किसान और आम नागरिक दोनों परेशान हैं। जनता की मांग है कि सहायक संचालक को जल्द से जल्द शहडोल से भारमुक्त किया जाए, ताकि कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रह सके।
Shahdol News: कलेक्टर के आदेश पर उन्हें रोका गया
इस विषय में जब कृषि विभाग के प्रभारी उपसंचालक संग्राम सिंह मरावी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि —
“कलेक्टर के आदेश पर उन्हें रोका गया है, लेकिन जल्द ही उन्हें भी भारमुक्त कर दिया जाएगा।”
Shahdol News: यह पूरा मामला अब जनचर्चा का विषय बन गया है कि आखिर ऐसे अधिकारी को बचाने वाला कौन है, और क्यों शासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही? प्रशासन से जवाबदेही की मांग ज़ोर पकड़ रही है।
