9 साल पुराने प्रेम को मिला नया रूप
कड़ा धाम क्षेत्र के गौसपुर गांव की रहने वाली शाबरीन बानो और देवीगंज निवासी अभिषेक सोनी का प्रेम संबंध करीब नौ साल पुराना है। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को पसंद करते थे और जीवनभर साथ निभाने का वादा कर चुके थे। आखिरकार उन्होंने समाज और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर शादी का फैसला किया।

सीता (पहले शाबरीन) ने कहा कि उन्हें हिंदू धर्म शुरू से ही बेहद पसंद था। उनके अनुसार, “हिंदू धर्म में औरतों को सम्मान मिलता है। मैंने इसे दिल से अपनाया और अभिषेक के साथ नई जिंदगी शुरू करने का निर्णय लिया।”
Shabreen Becomes Sita Kaushambi: हिंदू रीति-रिवाज से शादी
मां दुर्गा मंदिर में हुए इस विवाह में परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन किया गया। पुरोहितों ने वैदिक मंत्रों के बीच युगल को सात फेरे दिलाए। स्थानीय लोग भी इस विवाह के साक्षी बने और नवदंपति को आशीर्वाद दिया।
हिंदू रक्षा समिति के संयोजक वेद प्रकाश सत्यार्थी ने इसे समाज में सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह विवाह एक मजबूत संदेश देता है कि प्रेम किसी भी धर्म या परंपरा से ऊपर होता है।

अभिषेक ने निभाया वादा
अभिषेक सोनी ने अपनी प्रेमिका के फैसले का सम्मान करते हुए जीवनभर उनका साथ निभाने का वचन दिया। उन्होंने कहा कि यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और समाज के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण है।
शाबरीन बनी सीता
Shabreen Becomes Sita Kaushambi: स्थानीय लोगों का कहना है कि शाबरीन और अभिषेक की शादी ने धर्म और संस्कृति की सीमाओं को पार करते हुए प्रेम और समर्पण का संदेश दिया है। यह विवाह न केवल गांव और जिले में, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
कई लोगों का मानना है कि इस विवाह ने यह साबित कर दिया कि जब रिश्ते सच्चे हों तो धर्म और जाति की दीवारें कभी भी बड़ी नहीं होतीं।
