सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 30 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है। सेंसेक्स करीब 1000 अंक की गिरावट के साथ 72,550 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी लगभग 300 अंक टूटकर 22,500 के स्तर पर पहुंच गया है। बाजार खुलने के साथ ही बिकवाली का दबाव बना हुआ है और निवेशकों में सतर्कता देखी जा रही है।
ऑटो, मेटल और बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो, मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर देखा जा रहा है। इन सेक्टरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की है, जिसके चलते बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा है। बैंकिंग शेयरों में गिरावट का असर इंडेक्स पर साफ नजर आ रहा है।
एशियाई बाजारों का हाल
वैश्विक संकेत भी बाजार के लिए कमजोर रहे हैं। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई इंडेक्स 3.60% गिरकर 51,433 पर कारोबार कर रहा है। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.60% की गिरावट के साथ 5,296 पर है। हालांकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1% की बढ़त के साथ 24,713 पर कारोबार कर रहा है, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स लगभग स्थिर बना हुआ है।
अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी का असर
भारतीय बाजार पर अमेरिकी बाजारों की गिरावट का भी असर देखने को मिला है। 27 मार्च को डाउ जोन्स 793 अंक गिरकर 45,166 पर बंद हुआ था। वहीं नैस्डैक कंपोजिट 2.15% टूटकर 20,948 और S&P 500 इंडेक्स 1.67% गिरकर 6,368 पर बंद हुआ था। इससे वैश्विक निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ी चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 2% बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इससे महंगाई और लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर शेयर बाजार पर नकारात्मक रूप से पड़ा है।
पहले भी जारी थी गिरावट का सिलसिला
इससे पहले शुक्रवार, 27 मार्च को भी बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 1690 अंक गिरकर 73,583 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 486 अंक टूटकर 22,820 के स्तर पर बंद हुआ था। लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट से बाजार में दबाव बना हुआ है।
