sensex nifty massive loss: आज 13 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 923.58 अंक (1.21%) टूटकर 75,117.6 पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी50 में भी 310 अंक (1.32%) की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,323 पर आ गया। बैंक निफ्टी में भी 1,000 अंकों से अधिक की गिरावट देखी गई। टॉप 30 में से 26 शेयर गिरावट में थे और केवल 4 शेयरों में तेजी रही।
sensex nifty massive loss: कौन से शेयर सबसे अधिक प्रभावित हुए
टाटा स्टील, बीईएल, इंडिगो और एलएंडटी के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। मेटल और बैंकिंग सेक्टर में सबसे अधिक बिकवाली हुई, जबकि कुछ उपभोक्ता वस्तुओं के शेयरों में हल्की तेजी रही।
sensex nifty massive loss: बाजार गिरावट के तीन कारण
बाजार में गिरावट के कई कारण बताए हैं। पहला कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। इरान द्वारा दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति में बाधा आने की आशंका बढ़ गई। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड वायदा 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।
दूसरा कारण वैश्विक बाजार में कमजोर संकेत हैं। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव के कारण एशियाई बाजार भी दबाव में हैं। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक गिरावट में कारोबार कर रहे हैं। अमेरिका में डाउ जोन्स 700 अंकों से अधिक गिरकर इस साल पहली बार 47,000 के स्तर से नीचे बंद हुआ।
तीसरा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली है। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को FIIs ने 7,049.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने 39,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे हैं।
फेडरल रिजर्व की नीति पर निवेशकों की नजर
निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिज़र्व के आगामी फैसले का इंतजार कर रहे हैं। HDFC Securities के प्राइम रिसर्च प्रमुख देवरश वकील के अनुसार व्यापक रूप से यह उम्मीद की जा रही है कि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान वैश्विक राजनीतिक तनाव और तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता का मुख्य कारण बनी हुई हैं। निवेशकों को सतर्क रहना आवश्यक है और लंबी अवधि की योजना के अनुसार ही निवेश करना चाहिए।
