Seed scam: शहडोल जिले के ब्यौहारी और जयसिंहनगर ब्लॉकों में बीज घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। यहां स्टेशनरी और किराना दुकानों तक में बिना लाइसेंस के नकली और अमानक बीज बेचे जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि संबंधित अधिकारी प्रदीप कुशवाहा को सब कुछ मालूम होने के बावजूद वे कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहे। आरोप है कि वे केवल जांच का दिखावा कर दुकानदारों से खुलेआम वसूली कर रहे हैं।

Seed scam: ₹60 प्रति किलो की जगह ₹350 तक में बेच रही
जानकारी के अनुसार, यदि किसी दुकान में 15 प्रकार के बीज रखे हैं, तो सैंपलिंग अधिकारी केवल एक का सैंपल लेकर बाकी छोड़ देते हैं। नतीजतन, बुढ़वा, बाणसागर, ब्यौहारी सहित कई स्थानों पर अमानक बीज खुलेआम बिक रहे हैं। खास बात यह भी है कि ये बीज ऐसी दुकानों पर बिक रहे हैं जो केवल सीजन में ही खुलती हैं। कुछ दुकानें तो धान को पैक कर ₹60 प्रति किलो की जगह ₹350 तक में बेच रही हैं।
Seed scam: दुकानों पर भी खाद-बीज बिकने लगेंगे
सैंपलिंग अधिकारी प्रदीप कुशवाहा पर आरोप है कि वे इन अवैध दुकानों से मोटी रकम लेकर आंख मूंदे हुए हैं। किसानों का आरोप है कि यदि यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में पान की दुकानों पर भी खाद-बीज बिकने लगेंगे।
Seed scam: इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा
वहीं, जिले के उपसंचालक कृषि की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। नियमों के अनुसार, हर ब्लॉक का कृषि विस्तार अधिकारी अपने क्षेत्र की सैंपलिंग करता है, लेकिन यहां जयसिंहनगर के एसडीओ को ही ब्यौहारी का भी जिम्मा दे दिया गया है। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है और इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
कागज़ों में सब कुछ “सही” दिखा
बीते वर्ष कई दुकानों के बीज अमानक पाए गए थे, फिर भी किसी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। कहा जा रहा है कि कुशवाहा ने ₹10,000 लेकर मामले को दबा दिया और कागज़ों में सब कुछ “सही” दिखा दिया।
किसानों की मेहनत बर्बाद न हो
अब किसानों ने मुख्यमंत्री और संभागायुक्त से मांग की है कि प्रदीप कुशवाहा को तत्काल हटाया जाए और एक स्वतंत्र जांच टीम बनाकर सभी खाद-बीज दुकानों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, हर ब्लॉक में स्थानीय कृषि अधिकारी को ही सैंपलिंग का अधिकार दिया जाए ताकि नकली बीजों का धंधा रोका जा सके और किसानों की मेहनत बर्बाद न हो।
रिपोर्टर: अशोक कुमार तिवारी
