Scam in Sugarcane Committee: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सहकारी गन्ना समिति में करीब 5 करोड़ रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। समिति के लेखाकार भारत कश्यप पर आरोप है कि उन्होंने समिति के खातों से करोड़ों रुपये अपने और अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। इस घोटाले में समिति के सचिव और बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
5 करोड़ रुपए ट्रांसफर
जानकारी के अनुसार, लेखाकार भारत कश्यप ने 130 फर्जी वाउचरों के जरिए आठ अलग-अलग खातों में लगभग 5 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। प्रारंभिक जांच में 3 से 4 करोड़ रुपये के गबन की पुष्टि हुई है, लेकिन राशि इससे अधिक भी हो सकती है। बताया जा रहा है कि भारत कश्यप ने यह राशि आईडीबीआई बैंक के माध्यम से अपने रिश्तेदारों के खातों में डलवाई। घोटाला सामने आने के बाद से लेखाकार फरार है, और समिति के सचिव ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
Scam in Sugarcane Committee: जांच में हुआ खुलासा
हापुड़ सहकारी गन्ना समिति के चेयरमैन कुणाल चौधरी ने बताया कि भारत कश्यप बैंक लेनदेन और वाउचर प्रबंधन का काम देखते थे। 25 अप्रैल से उनके कार्यालय न आने पर शक हुआ। जब बैंक खातों की जांच की गई, तो पता चला कि समिति के खाते में बैलेंस कम है, जबकि मिल से भुगतान आ चुका था। गहन जांच में फर्जी वाउचरों के जरिए बड़े पैमाने पर धनराशि हस्तांतरित करने का खुलासा हुआ।
लेखाकार ने रिश्तेदारों के खाते में किए पैसे ट्रांसफर
जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने प्रेस को बताया, “प्रथम दृष्टया लेखाकार भारत कश्यप की संलिप्तता सामने आई है। उन्होंने समिति के पैसे अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए। इस मामले में समिति के सचिव, अन्य कर्मचारियों, और बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि गबन की गई राशि की रिकवरी के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है।
किसानों के पैसों का गबन
इस घोटाले ने स्थानीय किसानों और समिति के सदस्यों में आक्रोश पैदा कर दिया है, क्योंकि गबन की राशि का उपयोग किसानों के भुगतान के लिए किया जाना था। पुलिस ने भारत कश्यप की तलाश तेज कर दी है, और डीएम ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित की है, जो आज अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
यह घटना सहकारी समितियों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
श्याम कौशिक की रिपोर्ट
