SC Relief to Congress MLA Arif Masood: भोपाल कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए गए थे। यह मामला भोपाल स्थित इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज की मान्यता से जुड़ा है।
SC Relief to Congress MLA Arif Masood: हाईकोर्ट ने दिए था ये फैसला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान भोपाल पुलिस कमिश्नर को आरिफ मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पुलिस महानिदेशक को एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट का यह आदेश कॉलेज के संचालन में कथित फर्जी सेल डीड से जुड़ा विवाद पैदा कर रहा था।
SC Relief to Congress MLA Arif Masood: सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश को सही नहीं माना
सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच (जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदूरकर) ने कहा कि सरकार का पक्ष आने से पहले हाईकोर्ट का यह अंतरिम आदेश आवश्यक नहीं था। कोर्ट ने यह भी कहा कि एफआईआर और एसआईटी के लिए दिए गए कड़े निर्देश पहली नजर में उचित नहीं लगते।
विवेक तंखा ने मसूद का पक्ष रखा
सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने आरिफ मसूद की पैरवी की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट ने सरकार का पक्ष सुने बिना एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी बनाने का आदेश दिया, जो न्यायसंगत नहीं था.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामला हाईकोर्ट में लंबित है, इसलिए सभी पक्ष जल्द अपनी दलीलें पूरी करें। इसके बाद हाईकोर्ट मामले का मेरिट के आधार पर फैसला करेगा।
कॉलेज की मान्यता निरस्त होने के बाद उठाया गया मामला
मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने जांच के बाद 9 जून 2025 को इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद, जो अमन एजुकेशन सोसाइटी के सचिव हैं, ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.जांच में पाया गया कि सोसाइटी ने कॉलेज संचालन के लिए फर्जी दस्तावेजों पर एनओसी और मान्यता ली। पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। कॉलेज की मान्यता रद्द होने के बाद यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा।
