Sawan Last Monday 2025: सावन मास भगवान शिव को समर्पित होता है और इस माह में आने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। इस महीने के प्रत्येक सोमवार को शिवभक्त व्रत रखकर पूजन करते हैं। इस वर्ष सावन का अंतिम सोमवार 4 अगस्त 2025 को पड़ रहा है, जो ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ है। इस दिन कुल 5 विशेष योग बन रहे हैं, जिससे इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया है।
इन 5 शुभ योगों में करें भगवान शिव की आराधना…
सावन के अंतिम सोमवार को ये योग विशेष रूप से बन रहे हैं:
1. ब्रह्म योग
2. इंद्र योग
3. रवि योग
4. सर्वार्थ सिद्धि योग
5., गजलक्ष्मी योग (गुरु और शुक्र की मिथुन राशि में युति से)
इन शुभ संयोगों में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुधार आता है।

शिवलिंग पर कभी अर्पित न करें ये चीजें…
धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार कुछ वस्तुएं शिवलिंग पर अर्पित करना वर्जित है। सावन के अंतिम सोमवार पर विशेष रूप से इन बातों का ध्यान रखें:
1. तुलसी के पत्ते – यह विष्णु भगवान को समर्पित होती है, शिवलिंग पर चढ़ाना निषेध है।
2. सिंदूर और हल्दी – शिव को सुहाग चिन्ह अर्पित करना वर्जित माना गया है।
3. केतकी के फूल – केतकी पुष्प को शास्त्रों में शिव पर चढ़ाना वर्जित कहा गया है।
4. शंख से जल – शंख विष्णु से जुड़ा है, इससे शिवलिंग पर जल चढ़ाना मना है।
5. नारियल – शिवलिंग पर नारियल नहीं चढ़ाया जाता, यह अन्य देवताओं को अर्पित किया जाता है।
सावन सोमवार के दिन क्या करें और क्या न करें…
क्या करें:-
1. सफेद वस्त्र पहनकर शिवलिंग पर शुद्ध जल चढ़ाएं।
2. पीतल या तांबे के लोटे में जल भरकर प्रदोष काल में अर्पित करें।
3. अगर कुंडली में दोष हो तो दूध में कपूर मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
4. ‘महामृत्युंजय मंत्र’ और ‘हे गौरी शंकरार्धांगि…’ जैसे मंत्रों का जप करें।

क्या न करें:
1. काले या नीले कपड़े पहनकर पूजन न करें।
2. अपशब्द, झूठ बोलना और किसी को दुख देना वर्जित है।
3. दिन में सोना और रात्रि में मनोरंजन से परहेज करें, भजन-कीर्तन करें।
4. प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा जैसे तामसिक भोजन का त्याग करें।
5. घमंड और क्रोध से बचें, और गरीबों की मदद करें।
लाल किताब से जुड़ी उपयोगी बातें…
1. मानसिक तनाव और ग्रह दोष से राहत पाने के लिए कपूर मिला दूध शिवलिंग पर चढ़ाएं।
2. सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि के लिए सफेद वस्त्र पहनें और चांदी या चांदी रंग का सिक्का अर्पित करें।
3. काले तिल और जल मिलाकर चढ़ाने से रोग मुक्ति होती है।
4. राहु-केतु दोष शांति हेतु नारियल को सिर से 7 बार घुमाकर नदी में बहा सकते हैं या शिवलिंग पर चढ़ा सकते हैं।

सावन के अंतिम सोमवार का विशेष उपाय…
शाम को शिव-पार्वती के समक्ष दीपक जलाकर पूजा करें और नीचे दिया गया मंत्र जपें:-
“हे गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकरप्रियाः। तथा मां कुरु कल्याणि कान्त कांता सुदुर्लभाम्॥”
इस मंत्र से वैवाहिक जीवन में समरसता आती है और इच्छित जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
