
डर का माहौल
शॉर्ट सर्किट की घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में डर का माहौल व्याप्त हो गया। अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों ने बताया कि बिजली की तारों से चिंगारियां निकलने की आवाज सुनकर वे सहम गए। खासकर, महिला वार्ड और इमरजेंसी वार्ड में मौजूद मरीजों में भय का माहौल देखा गया। अस्पताल के आसपास की दुकानों पर भी इसका असर पड़ा। दो दुकानदारों ने बताया कि शॉर्ट सर्किट की वजह से उनकी दुकानों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हुआ। एक दुकानदार ने कहा, “हम पहले ही आवारा मवेशियों और गंदगी से परेशान हैं, अब बिजली की समस्या ने और मुश्किल बढ़ा दी।”
Satna hospital short circuit: सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सतना जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में रही है। हाल ही में एक सांड के अस्पताल वार्ड में घुसने की घटना ने सुर्खियां बटोरी थी, जिसके बाद प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठे थे। अब शॉर्ट सर्किट की इस घटना ने एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों की पोल खोल दी है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था। एक परिजन ने बताया, “शॉर्ट सर्किट होने पर कोई कर्मचारी तुरंत मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे हम और डर गए।”
प्रशासन की लापरवाही
स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि बिजली सिस्टम की नियमित जांच और रखरखाव की कमी के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। आसपास के क्षेत्रों में भी करंट और बिजली से संबंधित समस्याओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “अस्पताल में मरीजों की जान दांव पर है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।” लोगों ने मांग की है कि अस्पताल की बिजली व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
मोहम्मद असलम खान की रिपोर्ट
