एक्टर सतीश शाह की किडनी ट्रांसप्लांट के बाद हालत बिगड़ी
हिंदी सिनेमा और टेलीविजन के दिग्गज अभिनेता सतीश शाह नहीं रहे। शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उम्र थी 74 साल। मौत की खबर ने न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री को, बल्कि उन लाखों दर्शकों को भी सदमे में डाल दिया है जिन्होंने उन्हें साराभाई वर्सेस साराभाई में इंद्रवदन साराभाई के रूप में प्यार दिया।

बीमारी से जंग लड़ते-लड़ते जिंदगी हार गए
सतीश शाह बीते कई महीनों से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। हाल ही में उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था। परिवार के करीबियों के मुताबिक इलाज के बाद वे ठीक हो रहे थे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ी। एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। उनके मैनेजर ने बताया कि पार्थिव शरीर अस्पताल में रखा गया है और अंतिम संस्कार रविवार को होगा।
कॉमेडियन और उनके करीबी दोस्त जॉनी लीवर ने बताया आज सुबह तक सब ठीक था। खाना खाने के बाद अचानक वो गिर पड़े। समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। हम सब सदमे में हैं।
मौत से कुछ घंटे पहले ली थी सेल्फी कहा था, ‘देखो मैं कितना स्मार्ट लग रहा हूं’
फिल्ममेकर विवेक शर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह ही उनकी सतीश शाह से चैट हो रही थी। उन्होंने अपनी एक ताज़ा सेल्फी भेजी थी। मुस्कुराते हुए। चेहरे पर आत्मविश्वास साफ दिख रहा था। संदेश में लिखा “देख, मैंने 20-22 किलो वजन कम किया है। अब मैं कितना स्मार्ट लग रहा हूं। नवंबर से फिर काम शुरू करेंगे।” किसी ने नहीं सोचा था कि यही उनकी आखिरी तस्वीर होगी।
साराभाई वाले पापा नहीं रहे साथी कलाकारों ने जताया दुख
राजेश कुमार, जिन्होंने साराभाई वर्सेस साराभाई में रोशेश का किरदार निभाया था, बोले “ये सबसे मुश्किल पल है। ऐसा लगता है जैसे मैंने पिता खो दिया। सतीश जी ह्यूमर और इंसानियत की मिसाल थे। सोशल मीडिया पर भी शोक संदेशों की बाढ़ है। हर कोई यही कह रहा है ये सिर्फ एक एक्टर का निधन नहीं, एक युग का अंत है।

थिएटर से बॉलीवुड, टीवी तक हर जगह अपनी पहचान छोड़ी
- जन्म: 25 जून 1951, मुंबई के मांडवी क्षेत्र में
- शिक्षा: जेवियर कॉलेज, फिर पुणे का FTII
- शादी: साल 1972 में मधु शाह से
- करियर की शुरुआत: 1970, फिल्म भगवान परशुराम
- टीवी डेब्यू: 1984, ये जो है जिंदगी—जहां 55 एपिसोड में 55 किरदार निभाए
- बड़े शो: साराभाई वर्सेस साराभाई, कॉमेडी सर्कस, घर जमाई, फिल्मी चक्कर
- फिल्में: कल हो ना हो, मैं हूं ना, फना, ओम शांति ओम, हम आपके हैं कौन
- सम्मान: 2015 में FTII सोसाइटी के सदस्य बने
सतीश शाह सिर्फ कॉमेडी एक्टर नहीं थे। वे टाइमिंग के जादूगर थे। चेहरे पर बिना भाव बदले भी दर्शकों को हंसा देते थे—ये कला हर किसी के पास नहीं होती।
आखिरी वक्त तक काम करने की इच्छा
करीबी बताते हैं कि डायलिसिस के बावजूद वे काम से जुड़े रहे। नई स्क्रिप्ट पर चर्चा करते थे। कहते थे जब तक सांस है, एक्टिंग नहीं छोड़ूंगा। उनका जीवन एक सच्ची कहानी था। संघर्ष, मेहनत और मुस्कुराहट की कहानी।
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