Sasaram EVM controversy: बिहार के रोहतास जिले के सासाराम में मतगणना से पहले बुधवार की देर रात जमकर हंगामा हो गया। कृषि बाजार समिति तकिया स्थित काउंटिंग सेंटर के बाहर करीब रात 11:30 बजे एक ट्रक की एंट्री को लेकर विरोध शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि इस सेंटर पर रोहतास जिले की सभी सात विधानसभा सीटों के मतों की गिनती होनी है।
जैसे ही ट्रक काउंटिंग सेंटर के गेट के अंदर दाखिल हुआ, वहां मौजूद राजद (RJD) और महागठबंधन समर्थकों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोर – गद्दी छोड़” के नारे लगाए और प्रशासन से जवाब मांगा कि इतनी रात में ट्रक को अंदर क्यों आने दिया गया।
ट्रक में थे टीन के बक्से
काउंटिंग सेंटर में घुसने वाले ट्रक को देखकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही डीएम उदिता सिंह और एसपी रोशन कुमार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच के दौरान पता चला कि ट्रक में टीन के खाली बक्से रखे हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि ये बक्से मतगणना में इस्तेमाल होने वाली व्यवस्था का हिस्सा थे और इसमें EVM मशीनें नहीं थीं।
हालांकि, विपक्षी दलों और उम्मीदवारों के समर्थक प्रशासन के इस बयान से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ट्रक ईवीएम मशीनें या संबंधित सामग्री लेकर आया था और इसे गुप्त तरीके से अंदर ले जाया गया।

Sasaram EVM controversy: पवन सिंह की पत्नी भी पहुंचीं
काराकाट सीट से निर्दलीय प्रत्याशी और अभिनेता पवन सिंह की पत्नी भी देर रात मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि जब समर्थकों ने शांतिपूर्वक विरोध किया, तो पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किया गया।
उनका कहना था कि प्रशासन को ट्रक की एंट्री के बारे में पहले ही जानकारी देनी चाहिए थी। “अगर सब पारदर्शी है तो इतनी रात में ट्रक क्यों आया और CCTV क्यों बंद था?” उन्होंने सवाल उठाया।
CCTV कैमरे बंद होने पर और बढ़ा विवाद
प्रदर्शन कर रहे समर्थकों का कहना है कि ट्रक के काउंटिंग सेंटर में प्रवेश के दौरान CCTV कैमरों की फीड अचानक बंद कर दी गई। यह बात सबसे ज्यादा शक पैदा करने वाली रही।
लोगों ने आरोप लगाया कि जिस समय ट्रक अंदर गया, उस वक्त करीब 2 बजे से CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इससे यह सवाल उठने लगे कि कहीं कुछ छिपाने की कोशिश तो नहीं की जा रही थी।
Sasaram EVM controversy: RJD का गंभीर आरोप
बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस घटना को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट से एक वीडियो जारी किया और कई सवाल खड़े किए।
पोस्ट में लिखा गया —
सासाराम (रोहतास जिला) के मतगणना केंद्र में कथित तौर पर EVM से भरा ट्रक बिना किसी पूर्व सूचना और पारदर्शिता के जिला प्रशासन द्वारा क्यों घुसाया गया? ट्रक चालक को सामने लाए बिना क्यों भगा दिया गया? CCTV कैमरा की फीड 2 बजे से क्यों बंद रही?”
RJD कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन मतगणना में धांधली की कोशिश कर रहा है और इसी कारण रात के समय ट्रक अंदर भेजा गया। पार्टी ने इसकी जांच की मांग चुनाव आयोग से की है।
कथित तौर पर EVM से भरा हुआ ट्रक सासाराम (रोहतास जिला) के मतगणना केंद्र बिना किसी पूर्व सूचना और पारदर्शिता के जिला प्रशासन द्वारा क्यों घुसाया गया?
ट्रक चालकों को सामने लाए बिना क्यों भगा दिया गया?
2 बजे से यहां CCTV कैमरा का फीड क्यों बंद रहा?
पूरा फुटेज जारी किया जाए!
ट्रक में… pic.twitter.com/QzeA3MxlHF— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) November 12, 2025
ईवीएम नहीं, खाली बॉक्स थे
वहीं, प्रशासन ने RJD के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। डीएम उदिता सिंह ने बयान दिया कि ट्रक में केवल खाली टीन के बक्से थे, जो मतगणना व्यवस्था से संबंधित थे।
उन्होंने कहा कि “हमने मौके पर जाकर खुद जांच की है। कोई भी ईवीएम या संवेदनशील सामग्री उस ट्रक में नहीं थी। CCTV फुटेज और एंट्री रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। सभी दलों के एजेंट्स को भी निरीक्षण के लिए बुलाया गया है।”
एसपी रोशन कुमार ने भी कहा कि “स्थिति नियंत्रण में है, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।”

RJD कार्यकर्ताओं ने किया धरना प्रदर्शन
Sasaram EVM controversy: प्रशासन के स्पष्टीकरण के बावजूद RJD के समर्थक देर रात तक काउंटिंग सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक ट्रक की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे।
कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन बाद में पुलिस और स्थानीय नेताओं की अपील के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया।
