Sanwariya Seth Temple clash Chittorgarh devotees violence : सांवरिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच हुई मारपीट की घटना ने तालमेल और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री सांवरिया सेठ मंदिर के पास हुई, जहां दर्शन करने आए श्रद्धालुओं और आसपास के दुकानदारों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि हिंसक झड़प हो गई।
विवाद की शुरुआत
मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने कुछ दुकानदारों से अपने बैग रखने के लिए जगह मांगी, लेकिन जब श्रद्धालु प्रसाद नहीं खरीदे तो दुकानदार नाराज हो गए। इस बात को लेकर दुकानदारों और श्रद्धालुओं के बीच कहासुनी हुई, जो जल्दी ही मारपीट में बदल गई। दुकानदारों ने लाठियों और डंडों का इस्तेमाल करते हुए श्रद्धालुओं पर हमला बोला।
मारपीट का वीडियो हुआ वायरल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दुकानदारों की भीड़ श्रद्धालुओं को बेरहमी से मारती हुई दिखाई दे रही है। मारपीट के दौरान यहां पत्थरबाजी भी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। यह विवाद मंदिर के मंडफिया थाना इलाके के पास हुआ, जिसके बाद पुलिस को मौके पर आना पड़ा और दोनों पक्षों को थाने ले जाना पड़ा।
Sanwariya Seth Temple clash Chittorgarh devotees violence : पुलिस की कार्रवाई और दोनों पक्षों की सहमति
पुलिस ने तत्काल मामले को नियंत्रण में लिया और विवादित दोनों पक्षों को थाने लेकर गई। हालांकि, थाने में दोनों पक्षों ने कानूनी कार्रवाई से इनकार करते हुए आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया। इस बीच श्रद्धालुओं ने इस घटना को लेकर चिंता जताई है कि मंदिरों में ऐसे हादसे आस्था पर सवाल खड़े करते हैं और इनसे माहौल खराब होता है।
Sanwariya Seth Temple clash Chittorgarh devotees violence : विवाद बढ़ने पर व्यवस्थाओं पर सवाल
इस घटना ने सांवरिया सेठ मंदिर की सुरक्षा और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर परिसर में भीड़ और दुकानदारों के बीच नियंत्रण की कमी से असामाजिक तत्वों को बढ़ावा मिलता है। इससे तीर्थस्थलों का पवित्र वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
सांवरिया सेठ मंदिर में हुई मारपीट ने धार्मिक स्थलों पर उचित व्यवस्था और सामंजस्य की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को चाहिए कि वे श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों के बीच बेहतर संवाद और व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और आस्था का माहौल सुरक्षित बना रहे।
