Dhirendra Shastri Vrindavan Padyatra: बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर हिंदू एकता को मजबूत करने के लिए सड़क पर उतरने वाले हैं। उन्होंने नवंबर 2025 में एक नई ‘सनातन हिंदू एकता’ पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। यह पदयात्रा दिल्ली से शुरू होकर वृंदावन में समाप्त होगी, जो हिंदू समाज को एकजुट करने, जाति-पात के भेदभाव को समाप्त करने और हिंदू राष्ट्र की स्थापना के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

10 दिनों तक चलेगी यात्रा
लगभग 170 किलोमीटर लंबी यह यात्रा 10 दिनों में पूरी होगी, जिसमें भव्य झांकियां, बालाजी का रथ और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। यह ऐलान हाल ही में वृंदावन के कृष्ण कृपा धाम में आयोजित बैठक में किया गया, जहां 200 से अधिक साधु-संत और प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। धीरेंद्र शास्त्री का यह प्रयास सनातन धर्म की जागृति और सामाजिक सुधार को नई दिशा देगा।
शुरूआत और समापन
पदयात्रा 7 नवंबर 2025 को दिल्ली से प्रारंभ होगी और 16 नवंबर को वृंदावन पहुंचकर समाप्त होगी। यह ‘बागेश्वर-बांके बिहारी मिलन सनातन हिंदू एकता’ पदयात्रा के नाम से जानी जाएगी। यात्रा का मार्ग दिल्ली से होते हुए हरियाणा के रास्ते उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र तक फैला होगा, जहां यमुना नदी के किनारे भव्य समापन होगा। धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि यह यात्रा हिंदू समाज की एकता का प्रतीक बनेगी, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा के दौरान प्रतिदिन औसतन 17 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया जाएगा, जो पिछले वर्षों की पदयात्राओं की तर्ज पर होगा।

वृंदावन जाएगी यात्रा
कुल दूरी लगभग 170 किलोमीटर है, जो 10 दिनों में पूरी की जाएगी। यह यात्रा न केवल शारीरिक बल्कि आध्यात्मिक चुनौती भी होगी, जहां प्रतिभागी पैदल चलकर हिंदू एकता का संदेश फैलाएंगे। मार्ग में प्रमुख स्थानों पर रुकावटें होंगी, जहां भजन संध्या, कथा और सभाएं आयोजित की जाएंगी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा ब्रज क्षेत्र की पवित्रता को मजबूत करेगी और यमुना शुद्धिकरण के लिए जन जागृति पैदा करेगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है, ताकि यात्रा सुगमता से पूरी हो सके।
Dhirendra Shastri Vrindavan Padyatra: पदयात्रा का उद्देश्य
धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य हिंदुओं को एकजुट करना और हिंदू राष्ट्र बनाने के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने जोर दिया कि जाति-पात का भेदभाव समाप्त हो और सभी हिंदू भाई-भाई की भावना अपनाएं। ब्रिटिश और मुगल काल में बोए गए विभेद को मिटाने का समय आ गया है। यात्रा के दौरान हिंदू समाज को मजबूत करने के लिए संकल्प पत्र बांटे जाएंगे, जिसमें सनातन धर्म की रक्षा का वादा शामिल होगा। शास्त्री ने कहा, “हिंदू राष्ट्र एक धीरेंद्र से नहीं बनेगा, हर घर में एक धीरेंद्र होना चाहिए।”
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— Bageshwar Dham Sarkar (Official) (@bageshwardham) September 1, 2025
मांस-मदिरा की दुकानों को बंद करने की मांग
यात्रा ब्रज क्षेत्र पर केंद्रित है, जहां मांस-मदिरा की दुकानों को बंद करने की मांग उठाई जाएगी। यमुना नदी की शुद्धि के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ब्रज को पवित्र बनाना हमारा कर्तव्य है। इसके अलावा, मंदिरों और मस्जिदों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ बजाने की मांग भी की जाएगी, जो राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनेगा। यह मांगें यात्रा के दौरान सभाओं में दोहराई जाएंगी, ताकि स्थानीय प्रशासन तक आवाज पहुंचे।
वृंदावन बैठक, 200 संत पहुंचे
वृंदावन के कृष्ण कृपा धाम में धीरेंद्र शास्त्री ने पदयात्रा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इसमें कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी सहित 200 से अधिक साधु-संत पहुंचे। बैठक में यात्रा के मार्ग, कार्यक्रम और भागीदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। संतों ने यात्रा को सनातन जागृति का माध्यम बताया और अपना पूर्ण समर्थन दिया। अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि यह यात्रा हिंदू समाज को नई ऊर्जा देगी। बैठक के दौरान भजन और संकल्प कार्यक्रम भी हुए, जो यात्रा की तैयारी को मजबूत करेंगे।
अपने-अपने अंदर का श्रीकृष्ण जगाना होगा – मनोज तिवारी
बैठक में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने कहा,
“अपने-अपने अंदर का श्रीकृष्ण जगाना होगा।” तिवारी ने यात्रा को हिंदू एकता का प्रतीक बताया और राजनीतिक समर्थन का आश्वासन दिया। अन्य संतों ने भी यात्रा में शामिल होने की प्रतिबद्धता जताई। यह बैठक यात्रा की सफलता का आधार बनेगी, जहां विभिन्न संगठनों से समन्वय स्थापित किया गया।

Dhirendra Shastri Vrindavan Padyatra: झांकियां और रथ
यात्रा में महापुरुषों की भव्य झांकियां सजाई जाएंगी, जो राम, कृष्ण और हनुमान के जीवन को दर्शाएंगी। बालाजी का विशेष रथ यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा, जो श्रद्धालुओं को प्रेरित करेगा। इन झांकियों के माध्यम से सनातन इतिहास की कहानियां सुनाई जाएंगी। रथ यात्रा के दौरान भजन और कीर्तन होंगे, जो यात्रा को उत्सवपूर्ण बनाएंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ये झांकियां हिंदू संस्कृति को जीवंत करेंगी।
धीरेंद्र शास्त्री के संदेश
धीरेंद्र शास्त्री ने बैठक में जोर देकर कहा कि
हिंदू समाज को जाति-पात के भेद से मुक्त होना चाहिए। उन्होंने कहा, “जातिवाद ब्रिटिश की साजिश थी, इसे मिटाना हमारा संकल्प है।” यात्रा के दौरान छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। शास्त्री ने संतों से अपील की कि वे गांवों और आदिवासी क्षेत्रों में कथा करें, बिना दक्षिणा लिए। उनका संदेश है कि सनातन धर्म में सभी समान हैं।
200 से अधिक साधु-संतों की मौजूदगी
Dhirendra Shastri Vrindavan Padyatra: बैठक में 200 से अधिक साधु-संतों की मौजूदगी ने इसे विशेष महत्व दिया। वाराणसी, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से प्रमुख संत पहुंचे, जिन्होंने यात्रा को राष्ट्रीय स्तर का बताया। संत रामभद्राचार्य जैसे विद्वानों ने समर्थन दिया। यह सभा हिंदू एकता का प्रतीक बनी, जहां सभी ने हिंदू राष्ट्र के लिए संकल्प लिया। साधु-संतों ने कहा कि यह यात्रा सनातन धर्म की रक्षा करेगी।
