Sambhal Violence: UP का संभल सुलग रहा है। अभी तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकारें इसको बुझा नहीं पा रही है। लेकिन इसका जिम्मेदार कौन है, और इस हिंसा से आखिर फायदा किसको है। आज इस वीडियो में जानिए आखिर इस हिंसा के पीछे कौन है।
काशी और मथुरा के बाद अब संभल में जामा मस्जिद की जगह मंदिर होने का विवाद बढ़ गया है। सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में 4 की मौत हो गई। पुलिस ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सदर विधायक नवाब इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल पर हिंसा भड़काने को लेकर FIR दर्ज की है। मामले में अब तक 25 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। और करीब 2500 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
Sambhal Violence: संभल में इंटरनेट और स्कूलें बंद
संभल में इंटरनेट और स्कूलें बंद है। 1 दिसंबर तक संभल जिले में बाहरी लोगों के आने पर भी पाबंदी है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं इस मामले को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। अखिलेश यादव ने इस हिंसा के पीछे सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही कहा की सांसद ज़िया उर रहमान संभल में मौजूद भी नहीं थे और उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज कैसे की जा सकती है।
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हिंसा के पीछे कहानी क्या है?
Sambhal Violence: 19 नवंबर को संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए हिंदू पक्ष कोर्ट पहुंचा। हिंदू पक्ष का कहना है कि श्रीहरिह मंदिर पृथ्वीराज चौहान के शासन से पहले बना था, जबकि मस्जिद मुगलकाल में मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी। ‘बाबरनामा और आइन-ए-अकबरी में भी हरिहर मंदिर का जिक्र है।
29 नवंबर को होगी रिपोर्ट पेश
चंदौसी स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य कुमार सिंह की अदालत ने मस्जिद के सर्वे करने के आदेश दिए। 19 नवंबर की शाम ही सर्वे की शुरुआत कर दी गई। करीब दो घंटे तक वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई थी। कोर्ट कमिश्नर 29 नवंबर को न्यायालय में रिपोर्ट पेश करेंगे। सर्वे के बाद से जामा मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। जुमे की नमाज के दौरान शहर को छावनी में तब्दील कर दिया था, जिससे शांतिपूर्वक नमाज अदा हुई।
Sambhal Violence: पुलिस पर किया पथराव
इसके बाद 24 नवंबर को सर्वे टीम दोबारा मस्जिद पहुंची, तो बवाल शुरू हो गया। हजारों की भीड़ जामा मस्जिद के नजदीक जमा हुई, पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद पथराव शुरू हो गया। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसु गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसके बाद भीड़ ने गोलियां चलाई और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। हमले में 15 पुलिस कर्मी घायल हुए है।
इलाके में अभी भी हालात बिगड़े हुए है। सात थानों की पुलिस जगह-जगह तैनात। तीन कंपनी PAC और एक कंपनी RAF भी लगी है। सोशल मीडिया पर पैनी निगाह रखी जा रही है। इसके अलावा ड्रोन कैमरे से भी इलाके की निगरानी की जा रही है। मस्जिद जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया है।
कौन है जिम्मेदार?
Sambhal Violence: लगातार माहौल बिगड़के पीछे इंडियन मुजाइद्दीन जैसे संगठन भी हो सकते है। स्लीपर सेल भी हो सकते है, और ISIS का भी हाथ हो सकता है। कई न कहीं इस पुरे मामले मे घी डालने का काम राजनैताओं ने किया है। जांच में ये चीज तभी सामने आएगी जब जांच सही तरीके से हो नही तो ये मुद्दा भी लोग वैसे ही भूल जाएंगे जैसे बाकी मुद्दों को भुल चुके है।
