Baby selling Samastipur: बिहार के समस्तीपुर में एक मां ने कोख में पल रहे बच्चे का सौदा कर डाला। अपनी मां के साथ मिलकर महिला ने जन्म से पहले ही 2.30 लाख में बच्चे की डील की और डिलिवरी के बाद उसे बेच दिया। डिलिवरी के बाद महिला ससुराल न जाकर अपने मायके चली गई और ससुराल वालों से कहा कि उसका बच्चा मर गया। शोक में डूबे परिवार के 24 लोगों ने मुंडन भी करवाया।

मायके जाने की जिद
दरअसल, समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला 28 फरवरी 2026 की रात लेबर पेन होने पर महिला विभूतिपुर CHC में भर्ती हुई। यहां 1 मार्च को उसने बेटे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। प्रसव के बाद महिला मायके जाने की जिद करने लगी तो आशा ने एंबुलेंस से जाने की सलाह दी, लेकिन महिला टोटो से जाने की बात कह कर वहां से निकल गई।
नवजात को बेचा
आरोप है कि CHC से निकलने के बाद रास्ते में ही नवजात को बेच दिया गया, और ससुराल वालों को बच्चे की मौत होने की झूठी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही घर में मातम छा गया। 2 मार्च को होलिका दहन के दिन ससुराल के करीब 2 दर्जन लोगों ने बाल मुंडवा कर शोक प्रकट किया। बच्चे की दादी ने बताया कि जब वे रो रही थीं तो बच्चे की नानी ने कहा कि चिंता करने से क्या होगा, जहां से आया था वहीं चला गया। कुछ दिनों बाद गांव में बात फैलने लगी कि बच्चा मरा नहीं बल्कि बेचा गया है।
बच्चा मरा नहीं, जिंदा है
दरअसल, परिवार के लोग जब बाल मुंडवा रहे थे, तभी गांव के आदमी ने इसका कारण पूछा। तो उसने कहा कि बच्चा जिंदा है, उसके लिए आप बाल क्यों मुंडवा रहे हैं। इसके बाद 4 मार्च ससुराल और समाज के लोग महिला के मायके पहुंचे। बच्चे की मौत का सबूत मांगा, और बच्चे को दफनाने का स्थान दिखाने को कहा। लोगों के दबाव के बाद महिला ने बच्चा वापस लाने को कहा। इसके बाद 10-11मार्च को बच्चे को वापस लाकर मां के पास दे दिया गया। महिला को एक 6 साल का बेटा है जो उसके साथ में रहता है। यह दूसरा बच्चा है जिसका सौदा हुआ था।

Baby selling Samastipur: लिंग की जांच
चर्चा है कि प्रेग्नेंसी के दौरान समस्तीपुर में अल्ट्रासाउंड कराकर लिंग की जांच कराई गई थी। लड़का होने की जानकारी के बाद सौदा तय कर लिया गया था। यह भी कहा जा रहा है कि करीब 2 से ढाई लाख रुपए में किसी मुस्लिम परिवार के हाथों में बच्चा को बेचा गया था। खरीदने वाला इसी थाना क्षेत्र का ही बताया जा रहा है।
