SAGAR NEWS: सागर जिले के ग्राम कुल्ल के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बंडा सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को लेकर किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी जमीनों को तो डूब क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है, लेकिन उनके मकानों का अब तक सर्वे नहीं किया गया है।

SAGAR NEWS: ग्रामीणों का आरोप – “जमीन डूबी, अब मकानों की बारी”
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले एक साल से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से बार-बार अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों ने बताया कि बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार से लेकर जिला कलेक्टर तक सभी को कई बार ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन किसी ने ठोस कार्रवाई नहीं की।एक ग्रामीण ने कहा, “हमारी जमीनें डूब क्षेत्र में आ गई हैं, लेकिन मकान सर्वे से बाहर हैं। अगर मकान डूब में आएंगे तो हम रहेंगे कहां? मुआवजा तो दूर, हमारी समस्या को गिनती में भी नहीं लिया जा रहा।”
जनसुनवाई में भी आवेदन सौंपा
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को फिर से एक आवेदन सौंपा, जिसमें मकानों को डूब क्षेत्र में शामिल करने और मुआवजे की मांग की गई। उनका कहना है कि अगर इस बार भी उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन तेज करेंगे और उग्र प्रदर्शन करेंगे।
SAGAR NEWS: प्रशासन पर सवाल
ग्रामीणों ने प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक साल से लगातार मांगों के बावजूद न तो सर्वे हुआ, न मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की इस बार की शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है। अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो कुल्ल गांव में आंदोलन की चिंगारी भड़क सकती है।
रिपोर्ट – देवभूषण दुबे, सागर
