Sachin Pilot BJP Election Commission vote rigging : राजनीति के मैदान में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस नेताओं के बयान चुनावी समीकरणों को नई दिशा दे रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने एक बार फिर बीजेपी और चुनाव आयोग पर करारा हमला बोला। वहीं, बिलासपुर में कांग्रेस नेता बैज ने बिजली-बिल को लेकर जनता की नाराज़गी को सामने रखा। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव भी सचिन पायलट के साथ नज़र आए, जिससे विपक्ष को एक नया मुद्दा मिल गया है।
पायलट का गंभीर आरोप
सचिन पायलट ने अपने संबोधन में कहा कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए झूठे प्रचार और संस्थाओं के दुरुपयोग में लगी है। पायलट ने दावा किया कि वोटिंग प्रक्रिया में धांधली हो रही है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दबाव में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
बिजली-बिल पर जनता की नाराजगी
बिलासपुर में कांग्रेस विधायक बैज ने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार बिजली-बिलों की वजह से परेशान हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “जहां 500 रुपये का बिल आना चाहिए, वहां लोगों के घर 2000 रुपये तक के बिल भेजे जा रहे हैं।” यह मुद्दा सीधे जनता से जुड़ा है और कांग्रेस इसे चुनाव में बड़ा हथियार बना सकती है।
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सिंहदेव और पायलट की जोड़ी
कांग्रेस के दो बड़े चेहरे—सचिन पायलट और टी.एस. सिंहदेव—एक मंच पर नज़र आए। सिंहदेव को पायलट का राजनीतिक सह-यात्री बताया जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच तालमेल कांग्रेस संगठन को मजबूती दे सकता है। पायलट और सिंहदेव दोनों की छवि साफ-सुथरी मानी जाती है और यह जोड़ी युवा व आधुनिक नेतृत्व का संदेश देती है।
Sachin Pilot BJP Election Commission vote rigging : बीजेपी पर सीधा वार
पायलट ने कहा कि केंद्र और राज्य में बीजेपी सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है। महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दे पीछे धकेल दिए गए हैं, जबकि सत्ता पक्ष सिर्फ एजेंसियों और चुनावी मशीनरी पर निर्भर है। यह जनता के अधिकारों का हनन है।
चुनावी समीकरण और जनता का मूड
कांग्रेस इन दिनों बिजली बिल, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मसलों को बड़े स्तर पर उठा रही है। वहीं बीजेपी विकास और केंद्रीय योजनाओं के आधार पर वोट मांग रही है। लेकिन यदि बिजली-बिल और वोट चोरी जैसे मुद्दे जनता तक गहराई से पहुंचे, तो यह सत्ता बदलाव की भूमिका तैयार कर सकते हैं।
सचिन पायलट और टी.एस. सिंहदेव का एक साथ आना कांग्रेस की एकजुटता का संकेत देता है। पायलट का चुनाव आयोग और बीजेपी पर लगाया गया सीधा आरोप चर्चा का विषय बन चुका है। बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में बिजली-बिल का मुद्दा किसानों और मध्यम वर्ग के लिए बड़ा चुनावी एजेंडा बन सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इन नाराजगियों को कैसे वोट में तब्दील करती है और बीजेपी इस आरोपों की काट क्या पेश करती है।
