sabeer khan apple new coo: मुरादाबाद से Apple COO बनने का प्रेरणादायक सफर
sabeer khan apple new coo: Apple ने भारतीय मूल के सबीह खान को नया Chief Operating Officer (COO) नियुक्त किया है। वे जुलाई अंत में जेफ विलियम्स की जगह संभालेंगे। यह देश के लिए गौरव की बात है क्योंकि यह पद टेक्नोलॉजी जगत में शीर्ष स्तर का माना जाता है।
Tim Cook की तारीफ: “शानदार स्ट्रैटजिस्ट”
Apple के CEO टिम कुक ने सबीह को “बेहतरीन रणनीतिकार” बताते हुए कहा कि उन्होंने Apple की ग्लोबल सप्लाई चेन को पूरी तरह से मजबूत किया है। टिम कुक ने जोर देकर कहा कि उनकी नेतृत्व शैली और मूल्य Apple के संचालन में नई जान डालेंगे।

सप्लाई चेन और सततता में योगदान
- सबीह ग्लोबल सप्लाई चेन की जिम्मेदारी संभालते हैं—प्रोक्योरमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी तक।
- उन्होंने Apple के Supplier Responsibility program का नेतृत्त्व किया, जिससे उत्पादन संयंत्रों में कार्यरत मजदूरों का हित सुरक्षित हुआ।
- पर्यावरणीय सुधारों में उनके नेतृत्व में कंपनी का कार्बन फुटप्रिंट 60% से अधिक कम हुआ, जो सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सात दशक का शिक्षा-प्रेरित सफर
- जन्म और प्रारंभिक शिक्षा: 1966 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जन्में, उनका परिवार बाद में सिंगापुर चला गया।
- शिक्षा: शुरुआत में उन्होंने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ड्यूल बैचलर डिग्री ली। बाद में रेनसेलर पॉलीटेक्निक इंस्टिट्यूट (RPI) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की।
- Apple में शुरुआत: 1995 में प्रोक्योरमेंट डिवीजन से Apple में शामिल हुए। अब तक 30 वर्षों में उन्होंने कंपनी के कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए सप्लाई चेन में सुधार किया।
- 2019 से सीनियर वाइस प्रेसिडेंट: उस समय से वे ऑपरेशंस की सबसे जिम्मेदार भूमिका में थे।
जेफ विलियम्स का योगदान और ट्रांजिशन
- जेफ विलियम्स Apple में 27 साल तक COO रहे और जुलाई के अंत में सेवानिवृत्त होंगे।
- उन्होंने कहा, “मैंने सबीह के साथ 27 साल काम किया है, वे सबसे प्रतिभाशाली ऑपरेशन्स एक्जीक्यूटिव हैं।”
- ट्रांजिशन के बाद भी वे कंपनी में डिज़ाइन और हेल्थ-इनिशिएटिव्स पर काम करेंगे, ताकि सबीह को पद सौंपने में संतुलन बना रहे।
ग्लोबल टेक पर भारतीय नेतृत्व का प्रभाव
सबीह खान अब सुंदर पिचाई (Google CEO) और सत्या नडेला (Microsoft CEO) जैसी हस्तियों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। यह पुष्टि करता है कि भारतीय मूल के प्रोफेशनल्स वैश्विक तकनीकी कंपनियों में नेतृत्व की उच्चतम सीढ़ियों पर पहुँच रहे हैं।
सबीह खान का Apple में COO बनना एक प्रेरणादायक मिसाल है, खासकर मुरादाबाद जैसे छोटे शहर से निकलकर यह मुकाम हासिल करना। यह न केवल उनकी कड़ी मेहनत का नतीजा है, बल्कि भारतीय डायस्पोरा की क्षमता और वैश्विक संगठनों में उनकी भूमिका को भी दर्शाता है।
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