RSS प्रमुख भागवत बोले: सुरक्षा सजगता जरूरी, निर्भरता मजबूरी न बने

हमें सजग और सक्षम बनना होगा, नहीं तो बाहरी ताकतें खेल जाएंगी
rss mohan bhagwat dussehra speech 2025:नागपुर | 2 अक्टूबर 2025 विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने 41 मिनट के संबोधन में कई अहम मुद्दों पर बेबाकी से बात की। पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि,
आतंकियों ने धर्म पूछकर हिंदुओं की हत्या की। सरकार और सेना ने जवाब दिया। इस घटना से हमें हमारे दोस्त और दुश्मनों का पता चल गया।
उन्होंने वैश्विक राजनीति, अमेरिकी टैरिफ, पड़ोसी देशों में अस्थिरता, और भारत की आंतरिक सामाजिक चुनौतियों पर भी बात की।
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भागवत ने पहलगाम हमले को एक चेतावनी बताया, हम भले ही सबके साथ मित्रता का भाव रखते हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा को लेकर सजग और ताकतवर बनना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह घटना स्पष्ट करती है कि अति-निर्भरता खतरे में डाल सकती है।
निर्भरता मजबूरी न बने– वैश्विक संदर्भ में आत्मनिर्भर भारत का संदेश
rss mohan bhagwat dussehra speech 2025: अमेरिका की टैरिफ नीतियों का ज़िक्र करते हुए भागवत बोले, दुनिया में कोई अकेला नहीं जी सकता, लेकिन यह निर्भरता मजबूरी में न बदल जाए। आत्मनिर्भरता ही समाधान है। यह बात उन्होंने आर्थिक और राजनीतिक दोनों संदर्भों में रखी – भारत को वैश्विक स्तर पर साझेदारी तो चाहिए, लेकिन बिना आत्मसम्मान खोए।
हिंसक बदलाव से नहीं मिलते परिणाम, सिर्फ अराजकता
भागवत ने बिना किसी देश का नाम लिए पड़ोसी देशों की स्थिति पर चिंता जताई:
“हिंसा किसी भी समाज के लिए समाधान नहीं है। प्रशासन अगर गलत हो भी, तो सुधार का मार्ग लोकतांत्रिक ही होना चाहिए।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अराजकता की स्थिति बाहरी ताकतों को “खेल-खेलने” का मौका देती है।
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‘जैसा देश चाहिए, वैसा बनो’ – आदत बदलने का आह्वान
RSS की 100वीं वर्षगांठ पर भागवत ने संघ के मूल सिद्धांतों की याद दिलाई:
“व्यवस्था परिवर्तन के लिए पहले समाज बदलना होगा। शाखा व्यक्ति निर्माण की पाठशाला है। आदतें नहीं बदलोगे, तो देश भी नहीं बदलेगा।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में बुलावे के बावजूद संघ का फोकस सिर्फ सामाजिक जागरूकता पर रहा है।

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rss mohan bhagwat dussehra speech 2025: समारोह की खास झलकियां
- भागवत ने RSS संस्थापक डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी और शस्त्र पूजन किया।
- पूर्व राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सीएम देवेंद्र फडणवीस सहित कई प्रमुख हस्तियां कार्यक्रम में शामिल हुईं।
- स्वयंसेवकों ने परंपरागत पथ संचलन और बैंड प्रस्तुति दी।
विचारों की लड़ाई – आज़ादी, विविधता और जिम्मेदारी का मिश्रण
rss mohan bhagwat dussehra speech 2025: भागवत ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती को भी याद किया, और कहा कि, देश को जैसा बनाना है, वैसा खुद को बनाना पड़ेगा। विविधता हमारी ताकत है, उसे कमजोरी नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने चेताया कि समाज में “विविधता को भेद में बदलने” की कोशिश हो रही है, जिसे संवेदनशीलता और सजगता से रोकना होगा।
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