कांवड़ियों और स्कॉर्पियो चालक के बीच विवाद
सूचना मिलने पर रुड़की पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर यातायात को सामान्य किया, जो कांवड़ियों द्वारा जाम लगाने की कोशिश के कारण बाधित हो गया था। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति को शांत किया और पांच कांवड़ियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए कांवड़ियों की पहचान मनीष, अनुराग, अमन, अभिषेक और कपिल के रूप में हुई है। ये सभी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से कांवड़ लेने आए थे। पुलिस ने इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और इन्हें कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।

कांवड़ियों ने निशाना बनाया
स्कॉर्पियो चालक, आशू गिरी, को कांवड़ियों की भीड़ ने निशाना बनाया और उनके साथ मारपीट की। भीड़ से बचाकर पुलिस ने आशू गिरी को तुरंत रुड़की सिविल अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज चल रहा है। स्कॉर्पियो स्वामी द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया है, और कई लोग कांवड़ियों के इस व्यवहार की निंदा कर रहे हैं।
Kanwariya Clash Roorkee: वीडियो हुआ वायरल
इस घटना ने कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाली ऐसी हिंसक घटनाओं पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने कांवड़ियों के इस व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। एक एक्स पोस्ट में कहा गया, “इनके लिए क्या अलग से कानून हैं? इन्हें इस दुस्साहस के लिए सजा मिलनी चाहिए।” पुलिस ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का स्वागत है, लेकिन किसी भी तरह का उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रुड़की पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है। इस घटना ने प्रशासन को कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित किया है।
गौरव व्यास की रिपोर्ट
