suspicious kidney infection in children : सितंबर में शुरू हुई यह बीमारी कोयलांचल और आसपास के इलाके में बच्चों को अपनी चपेट में ले रही है। इन बच्चों में बुखार, सर्दी-खांसी, यूरिन रुकना, और कमजोरी जैसे लक्षण देखे गए हैं। जब बच्चों को अस्पताल लाया गया, तब डॉक्टर्स ने पाया कि अधिकांश की किडनी फेल हो रही है। बीमार बच्चों के इलाज के दौरान किडनी फेलियर की वजह से मौत हो रही है।
कलेक्टर की सख्त एडवाइजरी
छिंदवाड़ा के कलेक्टर ने बच्चों में सर्दी-खांसी के इलाज के लिए दिए जा रहे Coldrif और Nextro-DS सिरप का तत्काल इस्तेमाल बंद करने का आदेश दिया है। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि इन दवाइयों का रिकॉर्ड रखा जाए और डॉक्टर बिना पर्चे दवाएं नही दें। और बिना जांच के बच्चों को हाई पावर सिरप या एंटीबायोटिक्स न दी जाएं।
स्वास्थ्य विभाग की रणनीति
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में विशेषज्ञ टीम भेजी हैं। आईसीएमआर और एम्स भोपाल की टीमें लगातार क्षेत्र का सर्वे कर रही हैं और बच्चों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच में अब तक वायरस या बैक्टीरिया का कोई प्रमाण नहीं मिला है, रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा
पानी और खानपान की जांच
बीमारी के स्रोत को तलाशने के लिए इलाके के पानी के सैंपल लिए गए हैं, हालांकि उसमें भी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। जिला अस्पताल, परासिया और नागपुर में कई बच्चे गंभीर अवस्था में भर्ती हैं। प्रशासन ने सभी निजी और सरकारी डॉक्टरों को गाइडलाइन जारी की है—बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न दें और किसी भी किडनी लक्षण पर तत्काल अस्पताल में इलाज करवाएं।
सामुदायिक सुरक्षा और जागरूकता
जनता और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि बच्चों के लक्षण आते ही अस्पताल जाएं और घरेलू इलाज,जनरल स्टोर की दवाइयों के प्रयोग से बचें। स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर बच्चों का सर्वे और जागरूकता अभियान चला रहे हैं, जिससे बच्चों की जान बचाई जा सके।
छिंदवाड़ा में बच्चों की रहस्यमयी मौतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। कलेक्टर और प्रशासन Coldrif और Nextro-DS जैसे सिरप पर रोक के साथ बच्चों के इलाज में सावधानी बरतने और संक्रमण का सही कारण तलाशने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
