रिश्ते और दांपत्य जीवन की गहराइयों का एक खूबसूरत सफर
Music Beyond The Beats:- गीतों में गीता, Music Beyond The Beats के एपिसोड में आप सभी का अभिनंदन और स्वागत हैं। मैं हूं आपका दोस्त बृजेश रावत… एक और एपिसोड आपकी सेवा में…दोस्तों, रिश्तों की जब बात होती हैं… तो हम जानते हैं कि सच्चे और आत्मीय संबंध विशेष परिस्थितियों की मोहताज नहीं होते हैं। देखें, बदलते मौसम या वक्त सच्चे रिश्तों की परीक्षा तो लेंगे पर मजबूत नींव कभी हिलती नहीं है। और यदि चलती भी है, तो पुनः और अधिक मजबूती के साथ अपनी जगा बनाए रखती है।
1973 की सौदागर, ये बच्चन साहब के शुरुआती करियर की फिल्म
दोस्तों, फिल्म थी 1973 की सौदागर, ये बच्चन साहब के शुरुआती करियर की फिल्म में से एक थी।और बच्चन साहब और नूतन के मुख्य किरदारों से सजी हुई ये फिल्म थी । इस फिल्म के जो मुख्य गीत थे, उनमें एक गीत बहुत ज्यादा लोकप्रिय हुआ। स्पेशल संबंध और उसमें भी विशेष रूप से दाम्पत्य के संबंधों को लेकर….उसमें लता जी की आवाज में एक गीत रिकॉर्ड किया… दादा ने रविंद्र जैन साहब ने और इस गीत के बोल भी उन्होंने ही लिखे थे…।
लगभग सभी गीतों के जो बोले थे, बड़े ही अर्थपूर्ण थे(Music Beyond The Beats)
बहन भाइयों, रविंद्र जैन साहब ने अपने करियर में बहुत सारे गीतों की रचना तो नहीं की, परन्तु जितने भी गीतों की रचना उन्होंने की, वो एक से बढ़कर एक थे, लगभग सभी गीतों के जो बोले थे, बड़े ही अर्थपूर्ण थे, Meaningful थे, गहरे थे, और उनका जो संगीत था, रविंद्र जैन साहब की एक खास अदायगी, उसमें परिलक्षित होती थी…. और लता जी के उस स्वर्णिम दौर में, उन्होंने कई दूसरी जो पार्श्व गायिका थी, उभरती हुई जो प्लेबैक सिंगर थी, उनको बहुत उन्होंने चांस दिया, गीत के बोल थे, तेरा मेरा साथ रहे, धूप हो, छाया हो, दिन हो, के रात रहे, तेरा…
जो भिन्नताएं हैं उनको स्वीकार करें
दोस्तों, देखिए, अपने रिश्तों को हम पृथ्वी जैसी मजबूत नीव, और आकाश जैसी उंची उडान दे… सकते हैं… जब हम दांप्तय की बात करते हैं, तो देखिए, विचारों का मिलना, आपसी समझबूच का मिलना, दो करियर का मिलना, हमारी आदतों का मिलना, हमारी लाइट्स का मिलना, हमारी डिसलाइक्स का मिलना, यह कहते हैं ना कि, जो कुंडली का मिलान होता है, उसमें गुण नहीं भी मिल सकते हैं, हम जो समानताएं हैं, उनको लेकर हम खुश हो जाएं, अपने आपको स्वभाग्यशाली समझे…और जो समानताएं नहीं हैं, जो भिन्नताएं हैं उसको स्वीकार करें, एक्सेप्ट करें और उनका सम्मान करें। उनको रिस्पेक्ट करें।और इन सारे जो ताने बाने हैं उनसे उपजता है विश्वास है और विश्वास एक ऐसी पृष्ठभूमि और नींव आधार तैयार कर देता है…कि एक दांपत्य फूलता रहता है..
तमाम परिक्षाओं से गुजरता है ये रिश्ता…
जीवन के अनेक पड़ाव जिसमें की ऊंचे नीचे टेढ़े मेढ़े रास्ते होते हैं।जैसा कि मैंने कहा कि तमाम परीक्षाओं से गुजरता है ये रिश्ता…और एक दांपत्य का रिश्ता जो थे है इसमें शादी तो एक पुरुष और महिला की ही होती है परंतु ये शादी सिर्फ, दो लोगों की ना होकर बल्कि दो परिवारों की, दो संस्कारों की, दो विचारों की, और दो शहरों की, कई बार दो देशों की, दो प्रांतों की,ना जाने कितने योग और संयोग जब एक साथ मिलते हैं,
चमक हमारे जीवन को सदा प्रदीप्तमान करती रहे
Music Beyond The Beats:- तब जाकर एक विवाह का जो रिश्ता है, जिसको हम बंधन कहते हैं, पवित्र बंधन कहते हैं, उसकी सुगंध चारों और से एक सुन्दर आभा मंडल के रूप में हमको अपने साथ रखें, इसके लिए जो विश्वास है और विश्वास से उपजा हुआ जो प्रेम है, उसकी खुशबू और उसकी चमक हमारे जीवन को सदा प्रदीप्तमान करती रहे, महकती रहे, ये सुखी दांपत्य के कुछ मुख गुणों में शुमार होते हैं, नुमायाँ होते हैं.
समझौते और एजस्मेंट्स, यानि की सामंजस्य
दोस्तों, जब हम दांपत्य की बात करते हैं, तो समझौते और एजस्मेंट्स, यानि की सामंजस्य जैसे शब्द हमको सुनने को मिलते हैं. तो ये जो Compromise और एडजस्टमेंट हैं, ये हमको अक्सर कंफ्यूज करते हैं, जीवन में हम जब समझौते करते रहते हैं और टॉयलेट करते रहते हैं यानी कि हम अब सहन करते रहते हैं… तो वो रिश्ते आगे बढ़ें या आगे नहीं बढ़े इसको लेकर बड़ा Confusion रहता है…. मुझे लगता है कि Compromise से जो बेहतर टर्म है… वो है।
दो कदम तुम भी चलो… दो कदम हम भी चलें
Music Beyond The Beats:- समझौता नहीं बल्कि सामंजस्य से adjustment जिसमें कि दोनों की जीत सुनिश्चित की जाए…जिसमें एक पक्ष का झुकते रहना हमेशा झुकना इसकी आवश्यकता नहीं बल्कि दो कदम तुम भी चलो… दो कदम हम भी चलें और ऐसे ही ये जीवन का सफर कट जाएगा…
Read More:- Sun Transits in Aquarius कुंभ राशि में सूर्य का गोचर से बढ़ेंगे खर्चे बढ़ेंगे, रिश्तों में आएगी खटास
चुनौतियां हैं.. वो बहुत ज्यादा हैं..
हम आगे बढ़ते रहें… और ऐसे ही इस जीवन के सफर को आगे बढ़ने दें…
मेरा ये मानना है दोस्तों की छोटे-छोटे ADJUSTMENT करते हुए.. एक दूसरे के प्रति सच्चे प्रेम भाव के स्वभाव को अपने दर्द को कायम रखते हुए.. हम आगे बढ़ते रहें… और ऐसे ही इस जीवन के सफर को आगे बढ़ने दें…एक सुन्दर से परिवार की
Click this: लैटस्ट खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करे
अवधारणा को जिससे की हमारे देश की हमारी माटी की हमारी सभ्यता की संस्कृति भी प्रदर्शित होती रहें.. ऐसे ही हम फलते फूलते रहें… परिवार फलते फूलते रहें… इसी विचार के साथ में आप सभी को शुभकामनाएं धन्यवाद…
