3 मासूम बच्चों की आंखें यह ढूंढ रही हैं की पापा कब आएंगे लेकिन उन मासूमों को क्या पता की उनके सिर से पिता का साया उठ चुका हैं जी हां ये दिल दहलाने वाला मामला रीवा का हैं जहां एक पिता अपने बच्चे की जन्मदिन पर केक लेने गया था लेकिन न बच्चों को मालूम था और न ही पिता को की वो घर तक नहीं पहुँच पाएंगे परिवार का क्या बीती होगी जब सुन होगा की घर चलाने वाला मुखिया अब नहीं रहा हैं जैसे तैसे 7 साल के बेटे को तो समझाया जा सकता हैं लेकिन उन 2 साल के बेटा और 1 साल की बेटी को कैसे समझाए की पापा अब नहीं आ सकते हैं
चलिए क्या हैं पूरी खबर जानते हैं रीवा में एक पिता अपने बच्चे की जन्मदिन के लिए बाजार से केक लाने गए थे तभी एक ड्राइवर ने ट्रक चढ़ाकर मार डाला। और इस बात का पता की मौत कैसे हुई घटना के दूसरे दिन गुरुवार देर शाम को चला। तब तक पुलिस और परिजन इस हादसा ही मान रहे थे।
क्या था मामला?
ये घटना बुधवार, 2 अक्टूबर की शाम की है। बेटी का बर्थडे था। सीमा कुशवाहा ने बताया, ‘पति रामजी कुशवाहा अपनी पत्नी से बोलकर निकले थे कि बच्ची का जन्मदिन मनाने की तैयारी करो। मैं केक, चॉकलेट और डेकोरेशन का बाकी सामान लेकर आता हूं। और थोड़ी देर बाद पत्नी के पास खबर आई की उन्हें ट्रक ने कुचल दिया है।
ट्रक की टक्कर इतनी जोरदार थी की शव को टुकड़ों में निकालना पड़ा | सेमरिया गांव लौट रहे रामजी कुशवाहा को ट्रक ने पहले टक्कर मारी और फिर ट्रक ट्रांसफॉर्मर से जा टकराया। ट्रक और बाइक में बुरी तरह रामजी कुशवाहा का शव फंस गया था। शव को टुकड़ों में इकट्ठा किया गया। परिजन और गांव के लोग रीवा – गोविंदगढ़ रोड पर धरने पर बैठ गए थे। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से सभी को समझाया था।
हादसा नहीं, हत्या हैं!!
रामजी कुशवाह के दोस्त ने बताया- ये हादसा नहीं, हत्या हैं | मृतक का दोस्त रजनीश साकेत ट्रक ड्राइवर है। बुधवार को रजनीश के ट्रक और आरोपी अनिल बैरागी के ट्रक में मामूली टक्कर हो गई थी। और उसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया । और उसी व्यक्त वही से रामजी का गुजरना हुआ। रजनीश ने आवाज देकर रामजी को बुलाया। रामजी की भी आरोपी अनिल बैरागी से बहस हो गई, इसके बाद सभी अपने-अपने रास्ते निकल गए। रजनीश के मुताबिक, इसके आधे घंटे बाद आरोपी अनिल ने रामजी पर ट्रक चढ़ाकर हत्या कर दी। घटना वाले दिन डर की वजह से उसने इस बात की जानकारी पुलिस को नहीं दी।
गोविंदगढ़ थाना प्रभारी शिव अग्रवाल ने बताया, आरोपी अनिल बैरागी रीवा से धनपुरी (शहडोल) जा रहा था। जांच में पता चला कि गोविंदगढ़ में हुए झगड़े के बाद वह अपना ट्रक लेकर आगे बढ़ गया, लेकिन बीच रास्ते से ट्रक मोड़कर वापस आया। रामजी घर लौट रहा था, तभी उस पर ट्रक चढ़ा दिया।
