Republic Day: गणतंत्र दिवस के मौके पर जब देश कर्तव्य पथ से लेकर गांव-गली तक तिरंगे के रंग में डूबा दिखा, उसी बीच मथुरा-वृंदावन से जुड़ा एक भावुक दृश्य लोगों के दिल को छू गया. संत प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे राष्ट्रप्रेम और बलिदान की बात करते हुए भावुक नजर आए. उनके शब्दों में भाव था, अनुभव था और एक सीधा संदेश भी.
Republic Day: ‘राष्ट्रप्रेम नारे नहीं, त्याग की भावना है’
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि सच्चे देशभक्त वही हैं जिन्होंने वंदे मातरम कहते हुए फांसी का फंदा स्वीकार किया, जिन्होंने जानते-बूझते बलिदान का रास्ता चुना। गर्दनें कट गईं, लेकिन कदम पीछे नहीं हटे। उनके मुताबिक, यही इतिहास की असली विरासत है।
Republic Day: ‘मृत्यु से डर केवल शरीर को होता है’
भावुक होते हुए प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि सच्चा राष्ट्रप्रेमी या ईश्वर-प्रेमी मृत्यु से नहीं डरता। डर केवल शरीर से जुड़ा होता है, जो भोग, धन और भौतिक सुखों में उलझा रहता है.जो व्यक्ति अपने से ऊपर किसी बड़े आदर्श को मान लेता है चाहे वह राष्ट्र हो या ईश्वरउसके लिए मृत्यु अंत नहीं, बल्कि कर्तव्य बन जाती है। यही वजह है कि हमारे शहीद और सच्चे देशभक्त इतिहास के पन्नों में केवल नाम नहीं बनते, बल्कि पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं।
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गणतंत्र दिवस का यही संदेश
प्रेमानंद महाराज का संदेश साफ है संविधान, स्वतंत्रता और राष्ट्र की रक्षा केवल अधिकारों से नहीं, बल्कि कर्तव्यों और त्याग से होती है। यही भावना गणतंत्र को जीवंत बनाए रखती है.
