Republic Day 2026 Big Announcements Farmers: इस बार 26 जनवरी सिर्फ परेड और भाषण तक सीमित नहीं रहने वाला. संकेत साफ हैं कि राज्य सरकार खेती-किसानी को लेकर बड़ा संदेश देने जा रही है। किसानों तक सीधे असर डालने वाली घोषणाओं की उम्मीद है, और शायद ये घोषणा गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचे. प्रदेश सरकार ने 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित करने का ऐलान किया है। साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यह वर्ष खेती-किसानी और ग्रामीण कल्याण पर केंद्रित होगा।
कृषि कल्याण वर्ष की तैयारियां
सरकार ने कृषि, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, राजस्व और वनिकी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं। इसके अलावा किसानों, गैर-सरकारी संगठनों और शैक्षणिक संस्थाओं से सुझाव भी लिए गए। इन सभी सुझावों को मिलाकर साल भर की विस्तृत योजना तैयार की गई है. योजना का लक्ष्य सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि इसका असर सीधे खेतों और किसानों की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखना चाहिए
हर गांव, हर घर तक पहुंचेगी सरकार
सरकार अब प्रयास कर रही है कि किसानों तक योजनाओं का लाभ सहज और तेज़ तरीके से पहुंचे। कई योजनाओं में आवेदन और प्रक्रिया जटिल हैं, इससे किसानों को अक्सर परेशानी होती है। इसे दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी है. गांवों में अधिकारी किसानों से सीधे मिलेंगे, उनकी समस्याएं जानेंगे और कार्यक्रमों का प्रचार करेंगे। इससे योजना केवल सरकारी दस्तावेज़ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि असर जमीन पर भी दिखेगा।
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर जोर
कृषि कल्याण वर्ष में पशुपालन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। खासकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजना पर फोकस है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस योजना की जानकारी साझा की थी. ग्रामीण इलाकों में कई किसान पहले से ही दूध उत्पादन से अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। सरकार चाहती है कि यह मॉडल पूरे राज्य में अपनाया जाए, जिससे खेती के साथ-साथ पशुपालन भी आय का मजबूत जरिया बन सके।
26 जनवरी पर क्या-क्या घोषणाएं हो सकती हैं
- किसानों की योजनाओं के नियमों में सुधार और सरलीकरण
- विशेष कृषि अभियान की शुरुआत
- दुग्ध उत्पादन और पशुपालन से जुड़ी नई पहल
- पंचायत और ब्लॉक स्तर तक खेती-किसानी से जुड़े कार्यक्रम
