Choreographer Remo Dsouza Case: मशहूर कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। रेमो ने अपने खिलाफ चल रहे धोखाधड़ी के मामले को निरस्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए मामले की कार्यवाही पर रोक लगाने की उनकी मांग मानने से इनकार कर दिया है।
रेमो डिसूजा की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। धोखाधड़ी के मामले में वह पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट गए थे, जहां उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद रेमो ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन यहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से एक हफ्ते के भीतर जवाब तलब किया है और रेमो की मांग को ठुकरा दिया है।
धोखाधड़ी का मामला क्या है?
रेमो डिसूजा के खिलाफ गाजियाबाद के कारोबारी सत्येंद्र त्यागी ने दिसंबर 2016 में धोखाधड़ी की FIR दर्ज करवाई थी। सत्येंद्र का आरोप था कि रेमो ने उन्हें अपनी फिल्म ‘अमर मस्ट डाई’ में 5 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया था और वादा किया था कि एक साल के अंदर उनका पैसा वापस कर दिया जाएगा। लेकिन जब एक साल बाद भी पैसा वापस नहीं किया गया, तो सत्येंद्र ने रेमो से अपने पैसे वापस मांगे, जिसके बाद उन्हें कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड डॉन प्रसाद पुजारी के माध्यम से धमकाया गया।
सत्येंद्र के आरोप पर पुलिस ने रेमो और प्रसाद पुजारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 386 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया। ट्रायल कोर्ट ने रेमो को पेश होने का समन भी जारी किया। इसके बाद रेमो ने इस मामले को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद, रेमो ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन यहां भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने न केवल उनकी याचिका खारिज की, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब भी मांगा है।
अन्य धोखाधड़ी के मामले
इसके अलावा, रेमो डिसूजा और उनकी पत्नी समेत कुल सात लोगों पर एक डांस ग्रुप के साथ 11.96 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का भी आरोप है। इस मामले में एक 26 वर्षीय डांसर ने मीरा रोड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी।
रेमो के लिए यह समय मुश्किलों से भरा हुआ है, और उनका भविष्य इस मामले के कानूनी नतीजों पर निर्भर करेगा।
