RAIPUR WEATHER : छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से जारी कड़ाके की ठंड अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी है। मौसम विभाग के कहा, कि अगले पाँच दिनों के भीतर प्रदेश के कई जिलों में रात का पारा 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे लोगों को ठिठुरन से राहत मिलने की उम्मीद है।
हाइपोथर्मिया का बढ़ता खतरा
हाइपोथर्मिया का सबसे आम कारण ठंडे मौसम या ठंडे पानी के संपर्क में आना है। लेकिन अगर व्यक्ति ने ठीक से कपड़े नहीं पहने हैं या परिस्थितियों को नियंत्रित नहीं कर सकता, तो शरीर से ठंडे वातावरण में लंबे समय तक रहने से हाइपोथर्मिया हो सकता है
तापमान का हाल
प्रदेश के मौसम में तापमान के आंकड़ों ने बड़ा अंतर दिखाया। दुर्ग में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस, सबसे कम न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। वहीं माना 12.2, बिलासपुर 13.3, पेंड्रा में 10.8, जगदलपुर में 10.9 और दुर्ग में 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। राजधानी रायपुर में आसमान बिल्कुल साफ रहेगा और कहीं भी बादल छाने की संभावना नहीं है। यहां का तापमान 14°C से 29°C के बीच रहने का अनुमान है।
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शीतलहर का असर
इस दौरान सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कुछ हिस्सों में शीतलहर का असर बना रह सकता है। वहीं रायगढ़ में सुबह और शाम कड़ाके की ठंड का अनुभव किया जा रहा है।
ठंडी हवाओं का असर
उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के चलते राज्य में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। मैदानी इलाकों में दुर्ग सबसे ठंडा रहा, जहां रात का तापमान 11.0°C रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 7 डिग्री कम है।
रायपुर में भी नवंबर में नौ साल बाद दूसरी बार न्यूनतम तापमान 13°C तक दर्ज हुआ
पिछले 24 घंटों में राज्य का अधिकतम तापमान 30.9°C दुर्ग में और न्यूनतम तापमान 10.4°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। तीन दिन पहले अंबिकापुर का तापमान 6°C तक पहुंच गया था, जो पिछले दस वर्षों में नवंबर महीने में पहली बार दर्ज हुआ है।
