Refined Oil Health Effects: भारतीय रसोई का तेल अहम हिस्सा है। चाहे पूरी पराठा बनाना हो या सब्जी बनानी हो, तेल के बिना भोजन अधूरा माना जाता है। आज के समय में बाजार में कई प्रकार के कुकिंग ऑयल उपलब्ध हैं, सरसों, मूंगफली, नारियल, तिल से लेकर सोयाबीन, सूरजमुखी और रिफाइंड ऑयल तक। इनमें से रिफाइंड ऑयल ने पिछले कुछ वर्षों में शहरी घरों में तेजी से अपनी जगह बनाई है।
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आपको बता दें कि, रिफाइंड तेल वह तेल होता है जिसे बीजों से निकालकर कई प्रकार की रासायनिक और भौतिक प्रक्रियाओं से साफ़ किया जाता है ताकि वह दिखने में साफ, गंधहीन हो जाए।
Refined Oil Health Effects: रिफाइंड तेल के संभावित फायदे…
1. यह दिखने में एक समान, हल्का और पारदर्शी होता है। इसकी शेल्फ लाइफ लंबी होती है, जिससे यह बाजार में लोकप्रिय है।
2. रिफाइंड तेल का स्मोक पॉइंट ज्यादा होता है। यानी इसे उच्च तापमान पर पकाया जा सकता है। इसलिए इसे फ्राइंग और डीप फ्राइंग के लिए बेहतर माना जाता है।
3. अधिकतर रिफाइंड तेलों में ट्रांस फैट और कोलेस्ट्रॉल कम होता है, जिससे यह दिल की बीमारियों से बचाव में कुछ हद तक सहायक हो सकता है।
4. रिफाइंड तेल अलग-अलग बीजों से बनता है जैसे सोयाबीन, सूरजमुखी, कैनोला आदि। इससे लोगों के पास विकल्प की अधिकता होती है।

Refined Oil Health Effects: जानिए रिफाइंड तेल के नुकसान..
प्राकृतिक पोषक तत्वों का खत्मा…
रिफाइनिंग प्रक्रिया के दौरान तेल से प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन (जैसे विटामिन E), फाइटोन्यूट्रिएंट्स आदि नष्ट हो जाते हैं। इससे तेल में पोषण घट जाता है।
रासायनिक अवशेष..
हेक्सेन जैसे सॉल्वेंट्स, जो तेल निकालने और साफ करने में इस्तेमाल होते हैं, के अवशेष कभी-कभी तेल में रह सकते हैं। ये शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
ट्रांस फैट का खतरा..
आंशिक रूप से हाइड्रोजेनेटेड रिफाइंड तेलों में ट्रांस फैट्स पनप सकते हैं, जो दिल की बीमारियों, मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
ओमेगा-6 का असंतुलन..
रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल्स में ओमेगा-6 फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है, जो यदि ओमेगा-3 के साथ संतुलन में न हो तो सूजन, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों को जन्म दे सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार…
पुराने समय को देखे या आयुर्वेद की माने तो पारंपरिक तेल जैसे कोल्ड-प्रेस्ड सरसों, नारियल, घानी का तिल या मूंगफली तेल शरीर के लिए अधिक फायदेमंद माने जाते हैं। इन तेलों को न्यूनतम प्रोसेसिंग से निकाला जाता है, जिससे इनके पोषक तत्व बरकरार रहते हैं। सदियों से भारतीय रसोई में कच्ची घानी का तेल उपयोग किया जाता रहा है।
Refined Oil Health Effects: विशेषज्ञों की माने तो..
1. रिफाइंड तेलों का लंबे समय तक सेवन शरीर में सूजन को बढ़ा सकता है।
2. फ्राइंग के लिए यदि रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो एक बार इस्तेमाल किए गए तेल को बार-बार न गरम करें।
3. अधिकतर रिफाइंड तेलों में कोई भी प्राकृतिक स्वाद या गुण नहीं होता। वे केवल कम कीमत और लंबी शेल्फ लाइफ के लिए लोकप्रिय हैं।

Refined Oil Health Effects: निष्कर्ष
रिफाइंड तेल आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बाजार की मांग के अनुसार तो उपयुक्त लगते हैं, लेकिन इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। यदि आप स्वास्थ्य रहना चाहते हैं, तो इससे बेहतर देसी घी, कच्ची घानी, नारियल के तेल का प्रयोग करें।
