सीबीआई की बड़ी कार्रवाई
Rawatpura Sarkar CBI investigation: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज को अवैध रूप से मान्यता दिलाने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में कॉलेज के चेयरमैन रविशंकर महाराज, जिन्हें रावतपुरा सरकार के नाम से जाना जाता है, को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
सात राज्यों में फैला घोटाला
सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ है कि यह रिश्वतखोरी का नेटवर्क केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं था, बल्कि मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित सात राज्यों में सक्रिय था। इस मामले में कुल 36 डॉक्टरों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जो मेडिकल कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया में शामिल थे।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसर ने ली रिश्वत
जांच में सामने आया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने 75 लाख रुपये की रिश्वत लेकर राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक हनुमान मंदिर का निर्माण कराया। इसके अलावा नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) की निरीक्षण टीम के प्रमुख डॉक्टर दो मंजप्पा को सीधे पैसे ऑफर किए गए थे, जिन्होंने आगे डॉक्टर सतीश को इस काम का जिम्मा सौंपा।
फर्जी फैकल्टी और बायोमेट्रिक में गड़बड़ी
यह मामला मेडिकल कॉलेजों की निरीक्षण प्रक्रिया,फर्जी फैकल्टी की नियुक्ति और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड में हेरफेर से जुड़ा है। कॉलेजों को मान्यता दिलाने के लिए झूठे दस्तावेज और फर्जी उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे छात्रों की शिक्षा और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
गिरफ्तारी और पूछताछ जारी
Rawatpura Sarkar CBI investigation: सीबीआई ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे रायपुर स्थित सीबीआई कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। इन सभी से 7 जुलाई तक गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि इस व्यापक घोटाले में और कौन-कौन शामिल है, इसका पता लगाया जा सके।
