पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर किसानों की समस्याओं को लेकर तीखा प्रहार किया है। धान की खरीद में हो रही देरी और गन्ना किसानों के समर्थन मूल्य को लेकर उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए सरकार को किसान हितैषी बनने का आग्रह किया है।
धान खरीद में देरी
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि धान खरीद की जो प्रक्रिया है, वह किसानों के हित में नहीं चल रही है। समय पर फसलों की खरीद न होने से किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस देरी के कारण किसानों की आय प्रभावित हो रही है और कई बार उन्हें वित्तीय तंगी से गुजरना पड़ता है।
गन्ना समर्थन मूल्य पर नाराजगी
पूर्व सीएम ने गन्ना किसानों के समर्थन मूल्य को लेकर भाजपा सरकार की नीतियों को भी कटघरे में रखा। उन्होंने कहा कि जो समर्थन मूल्य घोषित किया गया है, वह किसानों की लागत को भी पूरा नहीं करता। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है, बल्कि उनकी मेहनत का उचित मूल्य भी नहीं मिल रहा।
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पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने सरकार से कहा,कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनके राहत के लिए तत्काल कदम उठाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो इससे राजनीतिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है।
भविष्य की योजनाएं
सरकार की ओर से भी किसानों की समस्या को लेकर पहल की गई है जैसे फसल ऋण माफी और सीधे भुगतान योजनाएं, लेकिन रावत का मानना है कि ये केवल दिखावे के लिए हैं और वास्तविक समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने आगामी चुनावों के संदर्भ में किसानों के मुद्दों को प्रमुखता देने की बात कही।
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की यह प्रतिक्रिया भाजपा सरकार के खिलाफ किसानों के समर्थन को दर्शाती है और साफ संकेत देती है कि कृषि क्षेत्र की समस्याएं चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती हैं। किसानों के साथ न्याय और उनके हितों की रक्षा करने के लिए सरकार को तवज्जो देना जरूरी है।
