Raw Eggs Benefits and Risks: स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ने के साथ ही कच्चा अंडा खाने का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ा है। जिम जाने वाले युवाओं से लेकर बॉडीबिल्डिंग के शौकीन लोग अक्सर कहते हैं कि कच्चा अंडा प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है। लेकिन क्या वाकई कच्चा अंडा उतना फायदेमंद है जितना प्रचार किया जाता है? क्या इससे कोई स्वास्थ्य जोखिम नहीं होता? आइए जानते हैं कच्चा अंडा खाने के फायदे और नुकसान, और विशेषज्ञों की राय क्या कहती है।
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कच्चा अंडा खाने के प्रमुख फायदे…
1. प्रोटीन का भरपूर स्रोत..
कच्चा अंडा हाई-क्वालिटी प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत होता है। एक अंडे में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन होता है, जो शरीर की मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में मदद करता है। खासकर बॉडीबिल्डर और एथलीट इसे मसल्स ग्रोथ के लिए जरूरी मानते हैं।
2. विटामिन और मिनरल्स से भरपूर…
कच्चे अंडे में मौजूद विटामिन B12, B6, D, E, और खनिज जैसे सेलेनियम, जिंक और फास्फोरस शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत बनाने और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करने में मदद करते हैं।
3. अंडे की जर्दी (योक) में हेल्दी फैट्स…
कई लोग सिर्फ अंडे का सफेद हिस्सा खाते हैं, लेकिन कच्चे अंडे की जर्दी (yolk) में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड्स दिल की सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं।
4. एंटीऑक्सीडेंट गुण…
कच्चे अंडे में ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन नामक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं और उम्र से जुड़ी आंखों की समस्याओं से बचाते हैं।
5. प्राकृतिक रूप में पोषण…
कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि कच्चा अंडा अपनी प्राकृतिक अवस्था में अधिक पोषक तत्व बरकरार रखता है। पकाने से कुछ विटामिन्स जैसे B6 और B12 का स्तर कम हो सकता है।

कच्चा अंडा खाने के नुकसान और स्वास्थ्य जोखिम…
साल्मोनेला संक्रमण का खतरा…
सबसे बड़ा जोखिम है साल्मोनेला बैक्टीरिया का। यह एक खतरनाक बैक्टीरिया होता है जो कच्चे या अधपके अंडों में पाया जा सकता है। इसके कारण फूड पॉइजनिंग, दस्त, बुखार, उल्टी और पेट दर्द जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, 1 में से लगभग 20,000 अंडों में साल्मोनेला हो सकता है, लेकिन यदि अंडे को गलत तरीके से स्टोर किया जाए या उसकी सतह पर दरार हो, तो खतरा और बढ़ जाता है।
बायोटिन की कमी…
अंडे के सफेद हिस्से में अविडिन (avidin) नामक एक प्रोटीन होता है जो शरीर में बायोटिन (Vitamin B7) के अवशोषण को रोकता है। लंबे समय तक कच्चा अंडा खाने से बायोटिन की कमी हो सकती है, जिससे बाल झड़ना, त्वचा की समस्याएं और मांसपेशियों की कमजोरी हो सकती है।
पाचन में परेशानी…
कई लोगों को कच्चा अंडा पचाने में दिक्कत होती है। पकाने पर प्रोटीन का अवशोषण 90% तक हो जाता है, जबकि कच्चे अंडे में यह केवल 50-60% रहता है।
गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए जोखिम…
गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग अगर कच्चा अंडा खाते हैं, तो उनमें साल्मोनेला का खतरा बहुत ज्यादा होता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।
एलर्जी का खतरा…
कुछ लोगों को अंडे से एलर्जी हो सकती है। कच्चा अंडा खाने पर यह एलर्जी ज्यादा गंभीर रूप में सामने आ सकती है, जिससे त्वचा पर चकत्ते, सांस की दिक्कत या एनाफिलैक्सिस जैसी स्थिति बन सकती है।
क्या कहते हैं न्यूट्रिशनिस्ट और डॉक्टर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय कच्चे अंडे को लेकर विभाजित है। कुछ न्यूट्रिशनिस्ट मानते हैं कि अगर अंडा ऑर्गेनिक और अच्छी तरह से स्टोर किया गया हो, तो उसे कभी-कभार कच्चे रूप में लिया जा सकता है। वहीं ज्यादातर डॉक्टर यही सलाह देते हैं कि अंडे को उबालकर या हल्का पकाकर खाना ज्यादा सुरक्षित और पचने योग्य होता है।

डॉ. नीरजा अग्रवाल, सीनियर न्यूट्रिशनिस्ट, कहती हैं –
“कच्चा अंडा खाने से आपको कुछ विटामिन्स जरूर मिलते हैं, लेकिन साल्मोनेला का रिस्क इतना बड़ा है कि यह फायदे से ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है। खासकर जब पाचन या इम्यून सिस्टम कमजोर हो।”
कैसे खाएं अंडा बिना रिस्क के..
1. पाश्चराइज़्ड अंडे लें, जिन्हें गर्म करके बैक्टीरिया-फ्री बनाया गया हो।
2. अंडे की सतह को अच्छी तरह धोकर ही सेवन करें अगर कच्चा खाना जरूरी हो।
3. कच्चा अंडा पीने से बेहतर है कि उसे हल्का उबाल लें या भुर्जी/ऑमलेट के रूप में सेवन करें।
4. जिम जाने वालों को सलाह दी जाती है कि वे सप्लीमेंट्स के साथ उबले अंडे का सेवन करें, कच्चे नहीं।
