ratlam excise constable exam: आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आते ही सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए। जब प्रावीण्यता सूची सामने आई तो एक ही परीक्षा केंद्र, बल्कि एक ही कक्ष से दर्जनभर अभ्यर्थियों का टॉप रैंक में आना शक की बड़ी वजह बना। जांच आगे बढ़ी तो मामला नकल और साजिश तक जा पहुंचा, अब पुलिस की एंट्री हो चुकी है।
ratlam excise constable exam: मेरिट सूची ने खोली पोल
यह पूरा मामला मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच हुई थी। रिजल्ट के बाद जब मेरिट लिस्ट का विश्लेषण किया गया, तो रतलाम स्थित एक पब्लिक स्कूल के एक ही कक्ष से 12 अभ्यर्थियों का पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर चयन होना सामने आया। यहीं से पूरे चयन पर संदेह गहराने लगा।संदेह के बाद परीक्षा केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। फुटेज में एक व्यक्ति अभ्यर्थियों को नकल कराते हुए दिखाई दिया। इसी आधार पर कर्मचारी चयन मंडल ने सभी 12 अभ्यर्थियों के खिलाफ नकल का प्रकरण बनाकर उनकी परीक्षाएं निरस्त कर दीं। मामला आपराधिक प्रकृति का होने के चलते पुलिस को सौंप दिया गया।
ratlam excise constable exam: इन अभ्यर्थियों के नाम आए सामने
जांच में जिन 12 अभ्यर्थियों के नाम सामने आए, उनमें आशुतोष, विवेक शर्मा, कुलदीप, सुभाष सिंह, दयाशंकर कुशवाहा, रवि कुमार, अनिल कुमार, शैलेंद्र बोहरे, अंकित सिंह, संजीत, पुष्पेंद्र और आशु गुप्ता शामिल हैं। इन सभी का चयन एक ही कक्ष से होना जांच एजेंसियों के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।
आवेदन देने वाले ने क्या बताया
इस मामले में भोपाल के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र निवासी प्रणीत सिजरिया ने आवेदन दिया था। उन्होंने खुद को प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट बताया है। आवेदन के आधार पर रतलाम थाने में जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया गया। चूंकि परीक्षा केंद्र रतलाम में था, इसलिए केस डायरी भोपाल से रतलाम पुलिस अधीक्षक को भेज दी गई है।
पुलिस ने तेज की जांच
पुलिस का कहना है कि कर्मचारी चयन मंडल से सभी चयनित अभ्यर्थियों के आवेदन, परीक्षा तिथि की उपस्थिति शीट और सीसीटीवी फुटेज मांगे गए हैं। इसके बाद आरोपियों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस यह भी मान रही है कि जांच आगे बढ़ने पर आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है.फिलहाल निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस सुनियोजित फर्जीवाड़े के पीछे सिर्फ परीक्षार्थी थे या कोई बड़ा रैकेट भी इसमें शामिल है।
