जेठानी, उसके बेटों ने जादू-टोने के शक में महिला को छत से फेंका
ratlam murder case: रतलाम के भीमपुरा गांव में एक दर्दनाक घटना हुई, जहां अंधविश्वास के चलते एक महिला नानी बाई उर्फ नर्मदा भूरिया की अपने ही जेठानी और उसके बेटों ने निर्मम हत्या कर दी। आरोप है कि जेठानी को शक था कि देवरानी जादू-टोना करती है और वह उसे डायन कहती थी। इस अंधविश्वास ने परिवार को एक कत्ल की और ले आया।
ratlam murder case: बच्चों के सामने हुई बेरहमी
25 सितंबर की रात नानी बाई अपने पोते-पोतियों और बेटी के साथ छत पर सो रही थी। इसी दौरान जेठानी और उसके दो बेटों ने कुल्हाड़ी से उस पर हमला कर दिया। छोटे बच्चे जाग गए और डर के मारे भाग कर एक कमरे में छिप गए। आरोपियों ने एक बच्ची का गला दबाने की भी कोशिश की। इसके बाद नानी बाई को छत से नीचे फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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दादी पर हमला, पोता-पोती डरकर भागे
ratlam murder case: जानकारी के अनुसार, भीमपुरा गांव में गुरुवार रात नानी बाई पोती लक्ष्मी पायल, रानू, कानू और बेटी मोनिका के साथ सो रही थी। इसी दौरान धन्नाबाई के दोनों बेटे छत पर आए और नानी बाई पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बच्चों की नींद खुल गई। एक आरोपी ने पोती लक्ष्मी का गला दबाने की कोशिश की, लेकिन वो सभी बचकर भाग गए और घर में एक कमरे में जाकर छिप गए। इसी दौरान आरोपियों ने नानी बाई को छत से फेंक दिया। उसकी मौत हो गई।
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पूछताछ में आरोपियों ने कबूल की वारदात
एसपी अमित कुमार ने एएसपी राकेश खाखा के नेतृत्व में जांच टीम बनाई। पुलिस टीम और फोरेंसिक अधिकारी ने जांच में पाया कि घर से कोई सामान चोरी नहीं हुआ है। इससे पुलिस को यकीन हो गया कि हत्या रंजिश के चलते हुई है। पुलिस ने परिजन और ग्रामीणों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि नानी बाई की हत्या उसकी जेठानी धन्नाबाई ने बेटे शंकर और बापू के साथ मिलकर की है।
ratlam murder case: एक साल में परिवार में तीन मौतें
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 12 साल पहले धन्नाबाई के बड़े बेटे शंकर की पहली पत्नी गंगा बाई की मौत हुई थी। इसके पहले गंगाबाई का मिसकैरेज भी हुआ था। शंकर ने रेखा से दूसरी शादी की। इसी साल अगस्त में रेखा की भी मौत हो गई। आखिरी समय में उसने नानी बाई का नाम लिया था। एक साल के अंदर धन्नाबाई के पति बद्री भूरिया और ससुर मनजी भूरिया की भी मौत हो गई।
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