ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश किया गया विधेयक
पश्चिम बंगाल विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन आज ममता सरकार ने बलात्कार विरोधी विधेयक पेश किया। विधेयक को कानून मंत्री मलय घटक ने पेश किया। इसे अपराजिता अपराजिता महिला और बाल विधेयक, (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून और संशोधन) विधेयक, 2024 नाम दिया गया है।
विधेयक में दोषी को 10 दिनों के भीतर मौत की सजा देने का प्रस्ताव है। साथ ही इस मामले में 36 दिनों के भीतर जांच पूरी करने को कहा गया है। विधेयक को पारित करने के लिए दो सितंबर से दो दिन के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था।
आज ही बिल पास हो जाएगा
माना जा रहा है कि विधानसभा में आज ही यह बिल पास हो जाएगा। भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने रविवार को कहा, “हमने फैसला किया है कि हम ममता बनर्जी के विधेयक का समर्थन करेंगे। आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आठ-नौ अगस्त की रात को 31 वर्षीय प्रशिक्षु से बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर का शव मिला। इसके बाद देशभर से डॉक्टर सड़कों पर उतर आए।
सुप्रीम कोर्ट की अपील के बाद कई अस्पतालों के डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर दी। हालांकि बंगाल में विरोध प्रदर्शन जारी है। इस घटना के बाद ममता सरकार एंटी रेप बिल लेकर आई है।
एंटी रेप बिल के प्रावधानों को जानिए
- अपराजिता महिला और बाल विधेयक, 2024 का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करना है।
- प्रस्तावित विधेयक कानून के तहत बलात्कार से संबंधित मामले में जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट 21 दिनों में पूरी करनी होगी, जिसे 15 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है.
- बलात्कार के मामले में दोषी व्यक्ति के लिए मृत्युदंड का प्रावधान होगा, अगर पीड़िता की मृत्यु हो जाती है या कोमा में चला जाता है।
- विधेयक में जिला स्तर पर एक ‘विशेष कार्य बल’ की स्थापना का भी सुझाव दिया गया है, जिसे ‘अपराजिता टास्क फोर्स’ कहा जाएगा। इसकी अध्यक्षता डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे।
Rape convict to be hanged in 10 days in Bengal
