Randhawa suicide case: पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस बहुचर्चित केस में प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने CBI जांच की मांग को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में पहले भी ऐसे मामलों में CBI जांच नहीं करवाई गई है। उन्होंने दो टूक बात करते हुए कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई जारी है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
CM मान ने सरकार पर जताया भरोसा

मुख्यमंत्री मान ने मंगलवार को अमृतसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि इस मामले में पहले ही एक विशेष जांच टीम गठित की जा चुकी है। उन्होंने कहा, “क्या पिछली सरकारों ने हर ऐसे मामले में CBI जांच करवाई थी?” सीएम मान ने आगे बयान जारी रखते हुए स्पष्ट किया कि सरकार निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी सरकार के लिए मंत्री और आम नागरिक में कोई फर्क नहीं है, सभी कानून के दायरे में समान हैं।
Randhawa suicide case: मान ने तेज़ की राजनीतिक बयानबाजी
सीएम मान ने फिर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि अतीत में भी कई लोगों ने आत्महत्या से पहले इन नेताओं-मंत्रियों के नाम लिए थे, लेकिन तब न तो इस्तीफे हुए और न ही CBI जांच की मांग उठी।
मामले में पूर्व मंत्री और पीए गिरफ्तार
बताते चलें कि इस मामले में पंजाब पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक (पीए) को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, भुल्लर के पिता की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने बताया कि उन्होनें तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
वीडियो में लगाए गए थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि गगनदीप सिंह रंधावा ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने लालजीत सिंह भुल्लर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार करार दिया था। कथित तौर पर, भुल्लर और अन्य आरोपियों द्वारा रंधावा पर तरनतारन के पट्टी क्षेत्र में ठेका भुल्लर के पिता को देने का दबाव बनाया जा रहा था।
