अमेरिका-इजराइल के मिसाइल हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. ये दावा किया है लोकल मीडिया ने.हालांकि अभी तक इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों ने लोगों के बीच चिंता पैदा कर दी है।
इजरायली मीडिया का दावा, बेटी, दामाद, बहू और पोती-भी मारे गए
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इतिहास के सबसे क्रूर नेताओं में से एक खामेनेई अब नहीं रहे। उन्होंने इसे अमेरिका और दुनियाभर के लिए न्याय बताया तो वही ईरान की समाचार एजेंसियों तसनीम और फार्स समाचार एजेंसी ने कहा है कि हमले में खामेनेई के साथ उनके परिवार के कुछ सदस्य बेटी, दामाद, बहू और पोती भी मारे गए। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर ईरान में 40 दिन के राजकीय शोक और सात दिन की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की बात कही जा रही है।
ईरान का खतरे का संकेत
ईरानी सेना ने कहा है कि उनकी ओर से जवाबी कार्रवाई कुछ ही देर में शुरू होगी और हमले में क्षेत्र में कब्जे वाले इलाकों और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। इस बीच, खामेनेई की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि उन्हें पहले ही सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था।
खामेनेई का राजनीतिक सफर
- जन्म: 19 अप्रैल 1939, मशहद, ईरान
- 1963: शाह विरोधी भाषण, गिरफ्तार
- 1979: इस्लामी क्रांति में सक्रिय, क्रांतिकारी परिषद में शामिल
- 1981: मस्जिद में बम हमले के बावजूद राष्ट्रपति बने
- 1989: खोमैनी के निधन के बाद देश का सर्वोच्च नेता (‘रहबर’)
समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन्हें कट्टर और सख्त शासन के लिए जिम्मेदार बताते हैं।
तबाही का मजंर
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल के हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और 740 से अधिक घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत और 45 घायल बताए जा रहे हैं। पूरे ईरान में यह हमले राजधानी तेहरान समेत 10 बड़े शहरों को प्रभावित कर चुके हैं.अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि ईरान की ओर से कब और कैसे जवाबी कार्रवाई होगी। तनाव की स्थिति के बीच हर कोई यह देख रहा है कि क्षेत्र में क्या बड़ा बदलाव आने वाला है।
